इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) विधायक अभय चौटाला ने आज आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार हरियाणा में शुरू की गई पराली प्रोत्साहन राशि की योजना ठीक नहीं है और सरकार की नीयत और नीति में खोट है। श्री चौटाला ने यहां जारी बयान में कहा कि पराली न जलाने पर प्रति कि्वंटल सौ रुपये की प्रोत्साहन राशि किसानों को देने को लेकर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी-जननायक जनता पार्टी सरकार के निर्णय के अनुसार प्रोत्साहन राशि केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी जो किसान 5 एकड़ तक भूमि के मालिक हैं तथा जो 6 नवम्बर से 15 नवम्बर तक अपनी गैर-बासमती धान मंडियों में बेचेंगे।
चौटाला ने कहा कि वास्तव में सर्वोच्च न्यायालय का आशय यह था कि किसानों को पराली न जलाने पर प्रोत्साहन राशि सभी किसानों को दी जाए।
उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन राशि उन सभी छोटे किसानों को दी जानी चाहिए जिन्होंने अपनी धान इस सीजन में जब से सरकारी खरीद शुरू हुई है, बेची है तथा अपनी पराली नहीं जलाई है तथा उसका प्रबंधन किया है क्योंकि स्वाभाविक तौर पर जिन किसानों ने पराली नहीं जलाई है उन्होंने पराली प्रबंधन पर आवश्यक खर्च करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल दिखावे के लिए प्रोत्साहन की राशि की घोषणा की है जबकि वस्तुस्थिति यह है कि परमल धान की कटाई व पराली प्रबंधन अक्तूबर माह में ही हो जाती है।


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