चंडीगढ़ : हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के पुत्र अभय चौटाला ने वर्ष 2008 में उनके खिलाफ हरियाणा के पूर्व एडीजीपी और सीआईडी प्रमुख पीवी राठी द्वारा दर्ज मानहानि की शिकायत को रद्द किए जाने और इस मामले में गुरुग्राम की अदालत द्वारा उन्हें जारी समन के आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कॉर्ट ने सभी परतवादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। उल्लेखनीय है कि साल 2008 में पीवी राठी ने समाचार पत्रों के 30 पत्रकारों और उनके संपादकों के खिलाफ मानहानि का केस दायर कर दिया था।
इस केस में अभय चौटाला सहित अन्य दो राजनेताओं को भी प्रतिवादी पक्ष बनाया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उसके मामले में समाचार पत्रों में गलत खबर प्रकाशित की गई है जिसके चलते उसकी प्रतिष्ठा को काफी हानि हुई है। इसके चलते याचिकाकर्ता ने गुरुग्राम में जून 2008 में आपराधिक शिकायत करवाई थी। इसी मामले की अब गुरुग्राम में सुनवाई चल रही है। अदालत ने याचिकाकर्ता को समन किया था जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया था।
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बाद में याचिकाकर्ता ने ट्रायल कोर्ट में रिवीजन याचिका भी दायर कर दी थी। जिसे हाल ही में ट्रायल कोर्ट ने खरिज कर दिया। अब इसी के खिलाफ याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसके अलावा याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस शिकायत पर गुरुग्राम जिला अदालत में उसके खिलाफ केस चल ही नहीं सकता क्योंकि वह वहां रहता ही नहीं है और न ही जिस अपराध की शिकायत की गई वह वहां हुआ है। ऐसे में यह जिला अदालत ने क्षेत्राधिकार का उलंघन कर उसे समन किया है।
(आहूजा,राजेश)


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