जींद : देशभर में चर्चित हो चुके जींद उपचुनाव में टिकट की दावेदारी नहीं होने से नाराज अग्रवाल समुदाय को भाजपा ने सुनियोजित तरीके से लामबंद में कामयाबी हासिल की है। प्रदेश के राजनीतिक माहौल के मुताबिक महत्वपूर्ण हो चले इस चुनाव में प्रचार प्रारंभ में अग्रवाल समुदाय की नाराजगी दूर करने चली भाजपा ने पहले वन टू वन मुलाकात करके माहौल बनाया और अब डेढ हजार के करीब इस वर्ग के लोगों को एक मंच प्रदान करते हुए उनसे मन की बात की, जिसके बाद व्यापारी वर्ग की नाराजगी के बादल अब छंटने लगे हैं।
मंत्री, मेयर से लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस वर्ग को पूरा मान-सम्मान देने का भरोसा दिया और इसका नतीजा रहा कि अग्रवाल समुदाय के बडे नेताओं द्वारा भी खुलकर भाजपा का समर्थन करने से भाजपा की रणनीति कारगर सिद्ध हुई है। जींद उपचुनाव की घोषणा के बाद से ही एक सवाल सबके जहन में घूम रहा था कि इस बार अग्रवाल समुदाय की दावेदारी पर कौन सा राजनीतिक दल दांव खेलेेगा। कांग्रेस, इनेलो और भाजपा में कुछ नाम इस दौड में शामिल रहे, जिसमें केवल भाजपा में मुख्यमंत्री के निजी सचिव राजेश गोयल का नाम अंतिम चरण तक रहा।
जबकि अन्य राजनीतिक दलों में इस पर विचार नहीं होने से अग्रवाल समुदाय के लोगों की नाराजगी बढनी शुरू हुई। कांग्रेस, इनेलो और जजपा ने इस नाराजगी को भाजपा से जोडते हुए उन्हें अपनी ओर करने के प्रयत्न शुरू कर दिए। कांग्रेस ने उचाना, नरवाना, कैथल से व्यापारियों को रिष्तेदारी नेटवर्क के माध्यम से साधने की कोशिश की तो जननायक जनता पार्टी के समर्थित उम्मीदवार ने आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल का समर्थन हासिल कर अग्रवाल समुदाय पर डोरे डालने का पांसा फैंका। शुरूआती चरण में समीकरण लगने लगे थे कि इस बार अग्रवाल समुदाय सरकार के विरोध में होगा।
राजनीतिक दलों के इस जोड-तोड के बीच भाजपा ने नाराजगी को भांपते हुए प्रदेश में वैश्य समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रही शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन को व्यापारी वर्ग का मन टटोलने की जिम्मेदारी लगाई। भाजपा द्वारा भी राजेश गोयल पर दिवंगत विधायक हरिचंद मिड्डा के बेटे डा कृष्ण मिड्डा को तरहीज देने के बाद इस लाबिंग की शुरूआत चाय पर चर्चा से हुई। अन्न क्षेत्र, पालिका बाजार, रामराय गेट, पुरानी अनाजमंडी, रेलवे रोड और चक्कर रोड, हाउसिंग बोर्ड, अर्बन एस्टेट में अग्रवाल समुदाय के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का असर यह हुआ कि उन्होंने खुलकर अपने मन की बात की और समुदाय में किसी भी राजनीतिक दल द्वारा टिकट नहीं होने की नाराजगी के कारणों पर चर्चा की।
इन दोनों नेताओं ने लगातार इस नाराजगी के स्वभाव में बदलाव लाने और इन्हें अन्य दलों से बेहतर विकल्प के तौर पर भाजपा की ओर रूख करने के लिए प्रेरित किया। व्यापारी कल्याण आयोग, व्यापारियों को बीमा दायरे में लाने के प्रयास से लेकर आधा दर्जन बिंदुओं पर भाजपा के रूख को उन्होंने व्यापारियों के कल्याण से जोडा। इसी बीच मुख्यमंत्री के निजी सचिव और विवेकानंद फाउंडेशन के माध्यम से जींद में आमजन की दुख-तकलीफों में सांझीदार बने राजेश गोयल ने भी इस चुनाव को अपना चुनाव बनाते हुए जनसंपर्क का दायरा बढा दिया।
एकाएक अग्रवाल बिरादरी के इन नेताओं के कार्यक्रमों से माहौल में बदलाव आता नजर आया तो भाजपा ने इसके बाद मंत्री विपुल गोयल, मेयर रेणूबाला गुप्ता, मेयर मनमोहन गोयल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव दीपक मंगला,प्रदेश कार्यकारणी सदस्य सज्जन गर्ग को भी मैदान में उतार दिया। इस टीम ने एकजुटता के साथ अग्रवाल समुदाय के डेढ हजार लोगों के साथ खुले मंच पर चर्चा की और उनके मन में उठ शंकाओं का निराकरण करते हुए उन्हें भाजपा के हक में ही आने का रास्ता तैयार किया। भाजपा प्रत्याशी डा कृष्ण मिड्डा ने भी मनभेद दूर कर एक साथ आगे बढने का आह्वान किया।
इसी कडी में गुरूवार देर रात विभिन्न अग्रवाल संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भाजपा नेताओं की बैठक के अंतिम दौर के बाद पूरा आश्वासन देने के बाद भाजपा ने विरोधियों की लाबिंग को करारा जवाब दिया है। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा वीरवार को जन आशीर्वाद सभा के ठीक बाद बाजार में नुक्कड़ सभा कर व्यापारी वर्ग को पूरा मान-सम्मान देने का भरोसा देकर उनका दिल जीत लिया।
(निंस)


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