गण और तंत्र को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है सरकार : ओपी धनखड़

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धनखड़ ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सिस्टम को बदला है। इसी वजह से हरियाणा के तीन किसानों को पदमश्री पुरस्कार से नवाजा गया है।

गुरुग्राम : 70वां गणतंत्र दिवस गुरुग्राम में धूमधाम से मनाया गया, जिसमें हरियाणा के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ मुख्य अतिथि थे। उन्होंने अपने जोशीले गणतंत्र दिवस संदेश में कहा कि गण और तंत्र दोनों मजबूत हों, इस दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गण से तात्पर्य है जन से और तंत्र से तात्पर्य है सिस्टम से। सिस्टम में पारदर्शिता आए, सिस्टम भ्रष्टाचार विहीन होता चला जाए और आम आदमी की पहुंच में आता चला जाए, इसके लिए सरकार प्रयासरत है।

धनखड़ ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सिस्टम को बदला है। इसी वजह से हरियाणा के तीन किसानों को पदमश्री पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्होंने कहा कि बागवानी के क्षेत्र में अटेरना गांव के किसान कंवल सिंह चौहान, पशुपालन के क्षेमें टिटवाणी गांव के नरेंद्र तथा मछली पालन के क्षेत्र में करनाल के सुल्तान सिंह को पदमश्री पुरस्कार मिला है। इसी प्रकार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उमदा खेल के प्रदर्शन के लिए हरियाणा के झज्जर जिला से संबंध रखने वाले बजरंग पुनिया को भी पदमश्री से नवाजा गया है।

सामाजिक क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए जगाधरी के दर्शन लाल जैन, जिन्होंने सरस्वती नदी की खोज का कार्य किया था, को भी पदम भूषण पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्होंने प्रदेश के इन सभी को पदमश्री व पदमभूषण मिलने पर बधाई दी है। श्री धनखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि जिन तथ्यों को पिछली सरकारों के समय में छिपाया गया उन्हें अब आदर और अभिव्यक्ति मिल रही है।

उदाहरण के तौर पर आजाद हिंद फौज, जिसके समय में पोटज़् ब्लेयर में नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने तिरंगा फहराया था और वहां पर आजाद भारत की पहली सरकार की स्थापना की थी। वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आजाद हिंद फौज के सैनिकों को आदर दिया और वे सैनिक आज राष्ट्रीय परेड के हिस्सा बने।

गुरुग्राम के ताऊ देवीलाल खेल परिसर के चौधरी सुरेंद्र सिंह मैमोरियल क्रिकेट पवेलियन के मैदान में आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने देश के सभी ज्ञात-अज्ञात शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अज्ञात वीरों की संख्या बड़ी है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में वाइपर टापु का कहीं उल्लेख नहीं है, जहां पर अंगे्रज शासकों ने 79 वीरों को एक ही स्थान पर फांसी दी थी।

– सतबीर, अरोड़ा,

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