जींद: माता बनभोरी धाम के सरकारीकरण के विरोध में ब्राह्मणों ने अर्धनग्र होकर रोष जताते हुए भाजपा आलाकमान से प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि हरियाणा के अंदर जो समाज के साथ ज्यादतियों को सिलसिला चला आ रहा है, उससे उभरने के लिए अब आर-पार की लड़ाई लडऩे को तैयार हो चुके है। ब्राह्मणों पर प्रताडऩा के वज्र को रोकने के लिए सिर पर कफन बांध चुके। ये व्यक्तय ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीराम दीक्षित, कांग्रेस सेवा दल के जिला कार्यकारी अध्यक्ष नरेन्द्र कौशिक और ब्राह्मण सभा के महासचिव ओमनारायण शर्मा ने गुरूवार को बुलबुल टूरिस्ट कॉम्पलेक्स में संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन में कहे।
अर्धनग्र होकर रोष से भरे इस ऐलान के दौरान पार्षद सुधीर कौशिक, कौशिक खाप के प्रधान बलवान कौशिक, राजेश कौशिक, भगवान परशुराम सेवा धाम के प्रधान आशुतोष शर्मा, राकेश शर्मा, राजेश शर्मा,अशोक कुमार बलराम शर्मा, सुखलाल कौशिक,रामफल शास्त्री सहित अन्य लोग मौजूद थे। हरीराम दीक्षित ने कहा कि मंदिर के सरकारीकरण के पीछे मुख्यमंत्री के नीजि सचिव राजेश गोयल का नाम सामने आ रहा है। गोयल का नाम समाज के लोगों ने सार्वजनिक किया तो उन्होंने औच्छे हथकंडे अपनाते हुए ब्राह्मणों में जो फू ट डालने का कुप्रयास किया है, वह असहनीय है। उनके बारे में जो औच्छा प्रचार किया गया है वह एक सुनियोजित चाल का हिस्सा है। यदि मुख्यमंत्री के नीजि सचिव वास्तव में ब्राह्मणों के हितेषी है और मंदिर के सरकारीकरण के विरोध में है तो वे सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दे।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज अब अपनी लड़ाई को प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश में लड़ेगा। नरेन्द्र कौशिक ने कहा कि ब्राह्मण समाज के लोग अपने अस्तित्व को बचाने के लिए सिर पर कफन बांध चुके है। मुख्यमंत्री कभी भगवान परशुराम चोक का नाम परिवर्तन कर, कभी उपप्रधान विनोद आशरी जैसे ब्राह्मण नेताओं को लाभ के पदों से हटाने का काम कर रहे है। माता बनभोरी धाम का सरकारी करण ब्राह्मणों के मुंह से निवाला छिनने का काम कर रहे है। कौशिक ने कहा कि बनभोरी मंदिर का सरकारीकरण किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की नीयत में ब्राह्मणों को लेकर जो खोट है वह जगजाहिर हो चुका है।
भगवान परशुराम में जो तेज है उसकी लो से ब्राह्मण समाज अब एकजुट होकर अपने अधिकारों पर कुठाराद्यात का हिसाब मांगेगा। सरकार ब्राह्मणों को कमजोर आंक रही है। इसलिए वे मंदिरों की तरफ बुरी नजर रखे हुए है। सरकार मेें गुरद्धारों, मस्जिदों की तरफ तनिक भी देखने की हिम्मत नहीं है। बड़ी हैरानी की बात है कि मोदी मंदिर बनाने की बात कर रहे है और उनके मुख्यमंत्री मंदिर पर कब्जा कर रहे है। ब्राह्मण सभा के महासचिव ओमनारायण शर्मा ने कहा कि ब्राह्मणों का गुस्सा झेलने के लिए भाजपा सरकार तैयार हो जाए।
प्रदेश के मुख्यमंत्री को भाजपा के आला नेता हटाने का काम करे अन्यथा आंदोलन की आग में तपने को तैयार रहे। नरेन्द्र कौशिक ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जानबुझ कर ब्राह्मणों को परेशान कर रहे है। वे ब्राह्मणों को जिस तरह से प्रताडि़त कर रहे है उससे ब्राह्मण समाज टूटेगा नहीं बल्कि एकजुट होकर मजबूत ही होगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही ब्राह्मण समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतरेगा, जिसकी गूंज दिल्ली तक गरजेगी।
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– संजय शर्मा


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