आदमपुर में कांग्रेस के हुड्डा हुए फेल ,हाईकमान पर उठ रहे सवाल

Summary :

कांग्रेस पार्टी इन दिनों पार्टी को मजबूत करने के लिए भारत जोड़ो यात्रा कर रही है जिसका मकसद है पार्टी को सत्ता में लाना है कांगेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में दम खम लगा रहे है लेकिन कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है कांग्रेस मों गुटबाजी की वजह से कमजोर होती जा रही है इसका एक उदाहरण आदमुर में हुए उपचुनाव है।

कांग्रेस पार्टी इन दिनों पार्टी को मजबूत करने के लिए भारत जोड़ो यात्रा कर रही है जिसका मकसद  पार्टी को सत्ता में लाना है । कांगेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में दम खम लगा रहे है  लेकिन फिर भी कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है । कांग्रेस गुटबाजी की वजह से कमजोर होती जा रही है इसका एक उदाहरण आदमुर में हुए उपचुनाव है जहां गुटबाजी की वजह से हुड्डा का गढ मानी जाने वाली विधानसभा हार चुके हैं कहा जाता है की आदमपुर में हुड्डा का लंबे समय से दब दबा रहा है लेकिन इस बार उपचुनाव में मिली हार से हुड्डा मानो सब कुछ हार बैठे है । इसके बाद से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है । कहा जा रहा है कि चुनाव में जिनके हाथोे कमान सौंपी गई थी वही चुनाव के दौरान गायब रहे थे । कुमारी शैलजा अपचुनाव में चुनाव प्रचाकर थे लेकिन वो प्रचार के समय गायब थे । चुनाव में मिली करारी हार कांग्रेस हाईकमान के लिए एक सबक है ।

पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने खोई पहचान
कांग्रेस के जाने माने नेता भूपेंद्र सिंह का हरियाणा में बोलबाला रहा है । एक समय था जब हरियाणा में कांग्रेस  की सरकार रहती थी  वो पहले नंबर की पार्टी था और हुड्डा के नाम से हरियाणा जाना जाता था  लेकिन समय़ के साथ कांगे्े्ेस के हुड्डा अपनी पहचान खोते गए कांग्रेस में चलती गुटबाजी ने पार्टी को खत्म कर दिया ।
पचास साल में पहली बार आदमपुर में  बीजेपी  ने खोला खाता 
बीजेपी ने कांग्रेस को करारी हार देते हुए आदमपुर में भी अपनी जीत दर्ज की है । बीजेपी को मिली इस जीत को अहम माना जा रहा है क्योंकि यहां बीजेपी को पचास साल बाद जीत मिली है बीजेपी ने बव्य बिश्वनोई को ताकत बनाकर ये जीत हासिल की  । इस उपचुनाव में पूर्व सीएम भजन लाल से मिले सपोर्ट को भी जीत की वजह माना जा रहा है ।
काग्रेंस को फिर मिला सबक 
जिस तरह से कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही इससे हाईकमान को सबक लेने की जरुरत है । पार्टी में चल रही गुटबाजी पार्टी को समाप्त कर रही है । जिसके कारण काग्रेंस  तीसरे नंबर की पार्टी बनकर रह गई है। हाईकमान को पार्टी में एकता लाने की जरुरत है ।

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