हरियाणा विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश आने के बाद एक किंगमेकर के तौर पर उभरे जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेता दुष्यंत चौटाला शुक्रवार को अपने 10 विधायकों से मुलाकात कर पार्टी के अगले कदम पर फैसला लेंगे। इससे पहले, शुक्रवार को ही जेजेपी के विधायकों ने चौटाला को सदन में सर्वसम्मति से अपना नेता चुना।
हरियाणा विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश आया है जहां कुल 90 सीटों में से 31 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है और 40 सीट भाजपा की झोली में आईं हैं। सरकार बनाने के लिए 46 विधायकों की जरूरत है। चौटाला आगे किसी भी कदम पर अंतिम फैसला लेने से पहले तिहाड़ जेल में बंद अपने पिता अजय चौटाला से भी मुलाकात करेंगे।
अब तक चौटाला ने इस बारे में कोई बयान नहीं दिया है कि उनकी पार्टी भाजपा को समर्थन देगी या कांग्रेस को। लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि वह केंद्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से जल्द मुलाकात कर सकते हैं। कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए जजपा और सात निर्दलीय विधायकों दोनों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
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सत्ताधारी भाजपा के लिए राज्य में चुनाव नतीजे निराशाजनक रहे क्योंकि लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी को राज्य की सभी 10 सीटों पर जीत मिली थी और उसे इस बार 75 से अधिक सीटों पर जीत की उम्मीद थी। हालांकि चुनाव लड़ने वाले पार्टी के 10 मंत्रियों में आठ को हार का सामना करना पड़ा।


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