Haryana News: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी ने शनिवार को करनाल स्थित जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार शारदा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. इरम हसन, सीजेएम खुशबू गोयल और जेल अधीक्षक लखबीर सिंह बरार भी उपस्थित रहे।
Haryana News: कैदियों से संवाद और समस्याओं पर ध्यान

निरीक्षण के दौरान जस्टिस सेठी ने जेल में बंद कैदियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने कैदियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कैदियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत मिलने वाले अधिकारों और सुविधाओं का सही लाभ मिल रहा है।
सुविधाओं का लिया जायजा

जस्टिस सेठी ने जेल परिसर में उपलब्ध व्यवस्थाओं और सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कैदियों के रहने, खाने, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा और उन्हें संतोषजनक पाया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन व्यवस्थाओं को आगे भी इसी तरह बनाए रखा जाए और जहां जरूरत हो, वहां सुधार किया जाए।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
निरीक्षण के दौरान जस्टिस सेठी ने जेल परिसर में पौधारोपण भी किया। इस कदम के माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और सभी को हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण न केवल स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
इस मौके पर जेल में बंद कैदियों द्वारा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से कैदियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जस्टिस सेठी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम कैदियों के मानसिक विकास और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।
न्यायालयों का भी किया निरीक्षण
सीजेएम डॉ. इरम हसन ने जानकारी दी कि जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी ने 19 से 21 मार्च तक जिला एवं सत्र न्यायालय के साथ-साथ असंध और इंद्री स्थित उपमंडल न्यायालयों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
व्यवस्थाएं पाई गईं सुव्यवस्थित
निरीक्षण के दौरान सभी स्थानों पर व्यवस्थाएं व्यवस्थित पाई गईं। जस्टिस सेठी ने अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन समाज में विश्वास बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। यह निरीक्षण न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए था, बल्कि सुधार और जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।
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