चंडीगढ : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपने दूसरे कार्यकाल में करीब तीन माह में ही फेरबदल कर रहे है। इस फेरबदल के तहत तीन बदलियां कर दी गई है। इसके बाद आसार यह बने हुए हैं कि हरियाणा आवासन मंडल के अध्यक्ष रहे जवाहर यादव को मुख्यमंत्री कार्यालय में कोई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। जवाहर यादव पहले कार्यकाल में मुख्यमंत्री के ओएसडी के पद पर कार्य कर चुके हैं।
पहले कार्यकाल में मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर रहे राजीव जैन को दोबारा कभी भी नियुक्ति मिलनेे की संभावनाएं की चर्चाओं ने जोर पकड़़ लिया। चंडीगढ़ के पत्रकारों में विशेष रूप से चर्चा है कि मुख्यमंत्री राजीव जैन को नियुक्ति देनेे में देरी क्यों कर रहे हैं जबकि उन्होंने पहले कार्यकाल में अपना कार्य बखूूबी निभाया था। जिसकी चर्चा आज भी हरियाणा सचिवालय में जोरों से चल रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय से राजेश गोयल,अमरजीत और अभिमन्यु को हटा दिया गया है। पिछले साल अक्टूबर के विधानसभा चुनाव में इन तीनों ने भाजपा से टिकट मांगे थे।
इनमें राजेश गोयल ने जींद, विशेष कार्याधिकारी अमरजीत ने कलानौर और निजी सहायक अभिमन्यु ने कोसली से टिकट मांगे थे। लेकिन तीनों ही टिकट पाने में नाकाम रहे। अब मुख्यमंत्री कार्यालय में फेरबदल की योजना के तहत इन तीनों को हटा दिया गया है। इनमें से राजेश गोयल नें बाजीमार ली है। गोयल को कौशल विकास परियोजना में संयुक्त निदेशक के पद पर नियुक्ति दिए जाने के आसार है।
हरियाणा की पिछली भाजपा सरकार में आवासन मंडल के अध्यक्ष रहे जवाहर यादव को इस फेरबदल के तहत मुख्यमंत्री कार्यालय में जिम्मेदारी सौंपे जाने के आसार है। अपने दूसरे कार्यकाल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल अभी फेरबदल के दौर में है। उन्होंने दूसरे मंत्रिमंडल में भी गठन के तीन माह के अंदर ही फेरबदल कर दिया है।


Download Android App
Download iOS App



