रोहतक : पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने महम के विधायक द्वारा लगाए आरापों को लेकर पलटवार किया और कहा कि आरोप लगाने से पहले बलराज कुंडू बताए कि सात हजार करोड़ रूपये कहां से आए। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान खुद कुंडू ने कहा था कि उनकी सम्पति सात सौ से सात हजार करोड़ रूपये हो गई है और अब विधायक को इसका जबाव देना चाहिए। हालांकि पूर्व मंत्री ने कहा कि वह हर तरह की जांच के लिए तैयार है। कुंडू को आरोप लगाने की बजाए क्षेत्र का विकास कराना चाहिए।
रविवार को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर पत्रकारो से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुद्दा था तो संगठन में बात उठानी चाहिए थी, उस वक्त तो कुंडू भाजपा में ही शामिल थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आरोप लगा रहे है, उसका जबाव तो विधायक ही देगे कि आखिर कार्यक्रमों में उनके कसिदे गढते थे और अब किस मुंह से वह आरोप लगा रहे है। हालांकि आरोपो को लेकर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं, उन्होंने कोई ऐसा काम नहीं किया।
पांच साल के अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रत्येक वर्ग के लिए कार्य किए है और किसी प्रकार का कोई भ्रष्टाचार नहीं किया। पूर्व मंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के कार्यक्रम के दौरान तो स्वयं कुंडू ने ही कहां था कि उनकी सम्पति सात सौ करोड से सात हजार करोड हो गई है, अब इसका जबाव तो विधायक कुंडू को देना चाहिए कि आखिर इतनी सम्पति कहां से आई। समर्थन वापसी के सवाल पर पूर्व मंत्री ने कहा कि अभी भी कुंडू सरकार के साथ है, अगर वे समर्थन वापिस लेते है तो किसने रोका है। आज भी वह अपनी बसो पर उनका फोटो लगाए हुए है।
हालांकि जाट आरक्षण हिंसा मामले को लेकर पूर्व मंत्री ने कोई सीधा जबाव नहीं दिया और कहा कि बलराज कुंडू को खुद नहीं पता कि वे क्या बोल रहे है। दरअसल महम के विधायक बलराज कुंडू ने दो दिन पहले पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे और कहा था कि अगर सरकार ने इस आरोपो की जांच नहीं करवाई तो वे भाजपा से अपना समर्थन वापिस ले लेगे। देर रात ही पूर्व सहकारिता मंत्री विदेश के लौटे है और नागरिकता संशोधन बिल के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम के बाद वह पत्रकारो से रूबरू हुए और आरोपों का जबाव दिया।


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