नौगजा पीर पर चला प्रशासन का ‘पीला पंजा’, अवैध कब्जे पर PMDA विभाग की बड़ी कार्रवाई

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Naugaja Peer: मनीमाजरा स्थित चंडीगढ़-कालका रोड पर नौगजा पीर दरगाह परिसर में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की। दरगाह को हुड्डा द्वारा मूल रूप से 6 मरले भूमि अलॉट की गई थी, लेकिन समय के साथ इसका दायरा बढ़कर करीब 15 मरले तक फैल गया था। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर 6 मरले को छोड़कर शेष अवैध कब्जे को हटाया। यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। Chandigarh-Kalka Highway: अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त अभियान जारी- अधिकारी संजय नारंग टाउन प्लान अधिकारी संजय नारंग ने बताया कि उपायुक्त सतपाल शर्मा के स्पष्ट निर्देशों के तहत…

Naugaja Peer: मनीमाजरा स्थित चंडीगढ़-कालका रोड पर नौगजा पीर दरगाह परिसर में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की। दरगाह को हुड्डा द्वारा मूल रूप से 6 मरले भूमि अलॉट की गई थी, लेकिन समय के साथ इसका दायरा बढ़कर करीब 15 मरले तक फैल गया था। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर 6 मरले को छोड़कर शेष अवैध कब्जे को हटाया। यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।

Chandigarh-Kalka Highway: अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त अभियान जारी- अधिकारी संजय नारंग

Naugaja Peer
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टाउन प्लान अधिकारी संजय नारंग ने बताया कि उपायुक्त सतपाल शर्मा के स्पष्ट निर्देशों के तहत पंचकूला शहर में सभी अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जहां भी ऐसी शिकायत मिलेगी, तुरंत कार्रवाई होगी।

Naugaja Peer: हुड्डा का जिक्र करते हुए क्या बोले नारंग?

नारंग ने यह भी जानकारी दी कि जब हुड्डा ने इस भूमि का अधिग्रहण किया था, उस समय दरगाह के लिए केवल 6 मरले जमीन ही आवंटित की गई थी। बावजूद इसके, समय-समय पर कब्जा बढ़कर 15 मरले तक पहुंच गया, जिसे आज खाली करवाया गया। उन्होंने बताया कि “नौगजा पीर बाबा” के सेवादार कोर्ट में स्टे ऑर्डर लेने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें स्टे नहीं मिला। प्रशासन की यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुरूप की गई है।

illegal encroachment removal: कब्जाधारियों को कई बार मिल चुके है नोटिस

नौगजा पीर के गद्दीनशीन फिरोज़ खान ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया और कहा कि उन्हें हुड्डा द्वारा दी गई 6 मरले भूमि पर कोई आपत्ति नहीं है तथा बाकी हिस्सा हटाने पर भी वे सहमत हैं।
प्रशासन ने बताया कि कब्जाधारियों को पहले कई नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में कब्जा न हटाने पर यह कदम उठाना पड़ा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि धार्मिक स्थलों की आड़ में अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर अनधिकृत निर्माण या कब्जा करने का प्रयास न करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।