जींद : जींद के नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक नवजात बच्चे की मौत होने पर परिजनों ने डॉक्टरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने बच्चे की मौत की जांच करवाकर ड्यूटी देने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई मांगते हुए भविष्य में अस्पताल के महिला प्रसुति विभाग में विशेष नजर रखने को कहा है। वहीं इस मामले में मेडिकल सुपरीडेंट डॉ. राजेश भोला ने कहा कि मामले में 3 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
यह कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी। अगर डॉक्टर की लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चे का शव पोस्टमार्टम करवाने के लिए पीजीआई भेजा गया है। वहीं डॉक्टर ने कहा कि पूरी ईमानदारी के साथ ड्यूटी दी गई है और आरोप निराधार है। उपायुक्त कार्यालय में दी शिकायत में पीड़िता के देवर अनूप सिंह सहित जयभगवान, दयानंद, ओमप्रकाश, संदीप, रामकुमार आदि ग्रामीणों ने कहा कि रीना की डिलीवरी रात को लगभग 12 बजे सामान्य अस्पताल में हुई।
इसमें डॉक्टर की लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हो गई। इन लोगों ने शिकायत में बताया कि बुधवार को वे रीना की स्थिति को लेकर डॉक्टरों से मिले थे। उस समय डॉक्टर ने पूरी स्थिति सामान्य बताई थी। किंतु देर शाम डॉक्टर ने कहा कि बच्चे का वजन अधिक है, इसलिए ऑप्रेशन करना पड़ेगा। डॉक्टर की बात पर उन्होंने कहा कि जच्चा और बच्चा स्वस्थ रहना चाहिए, भले ही ऑप्रेशन कर दें। किंतु इसके बाद डॉक्टरों ने रीना की कोई खास संभाल नहीं की और देर रात जब डिलीवरी हुई तो बच्चा मरा हुआ निकला। रीना की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआई रोहतक रैफर कर दिया।
पीड़िता के परिजनों ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर अपनी ड्यूटी को लेकर संजीदा नहीं थी। इसलिए यह हादसा हो गया और बच्चे इस दुनिया को देखने से पहले ही रूखस्त हो गया। इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएं और दोषी मिलने पर डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएं। पीड़िता के परिजनों ने सामान्य अस्पताल के बाहर बच्चे के शव को लेकर अस्पताल प्रशासन को जमकर कोसा।
आला अधिकारियों के दौरे बनकर रह गए महज दिखावा
महिला प्रसुति विभाग में डॉक्टरों की लापरवाही का यह मामला पहली बार सामने नहीं आया है। अस्पताल पर इस तरह के आरोप कई बार सामने आ चुके है। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी और महिलाओं के हित का झंडा उठाने वाले महिला आयोग से जुड़े लोगों का कभी-कभार आना होता है तो वह महज दिखावा बनकर रह जाता है। इन लोगों के दौरे महज दिखावे बनकर रह गए है।


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