केद्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत बेटी की टिकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलेंगे। सूत्रों के अनुसार इन्द्रजीत की पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात हो चुकी है। मगर सूत्रों का कहना है कि पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने उन्हें यही समझाने का प्रयास किया है कि सांसदों व विधायकों के परिजनों का टिकट न देने का फैसला पूरे देश में लागू करने का फैसला लिया है ऐसे में अगर बेटी को टिकट दिया तो पार्टी अपने ही फैसले को पलटती नजर आयेगी और उसका अच्छा संदेश नहीं जाएगा।
राव इन्द्रजीत को यह भी बताया गया है कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र सिंह की धर्मपत्नी प्रेमलता को टिकट का मसला दूसरा है क्योंकि वह पहले ही ऊचाना से भाजपा की विधायक है चूंकि यह फैसला अब किया है कि वह वर्ष 2014 से पार्टी टिकट पर चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार राव इन्द्रजीत ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के सामने अपने इस्तीफे की भी पेशकश की है मगर उन्हें ऐसा नहीं करने देने को कहा गया है।
हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। मगर राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात के दौरान ऐसी पेशकश की चर्चाएं आज दिनभर चलती रही। माना जाता है कि राव इन्द्रजीत ने बेटी की टिकट के अलावा अहिरवाल की कई सीटों पर अपने समर्थकों को टिकट दिलाने के लिए जोर लगाया है। देखना यह होगा कि हाईकमान राव इन्द्रजीत की बातों को कितना वजन देता है।


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