रोहतक: एसीजेएम लोकेश कुमार की अदालत ने योग गुरू बाबा रामदेव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। इससे पहले बाबा को स्वयं पेश होने के आदेश दिए थे, लेकिन योग गुरू अदालत में नहीं आए। अदालत में मामला चले करीब एक साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन एक बार भी बाबा पैरवी पर नहीं आए है। याचिकाकत्र्ता पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने अदालत में योग गुरू के खिलाफ देशद्रोह सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करने के लिए याचिका दायर कर रखी है। अब इस मामले में 14 जून को सुनवाई होगी। शुक्रवार को एसीजेएम लोकेश कुमार की अदालत में पूर्व मंत्री सुभाष बतरा द्वारा दायर की गई बाबा रामदेव के खिलाफ याचिका पर सुनवाई हुई। मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बाबा रामदेव के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर उन्हें पेश होने को कहा।
बताया जा रहा है कि अब बाबा को पेशी पर जमानत के लिए बांड भरना होगा। इससे पिछली पेशी पर अदालत ने बाबा रामदेव को स्वयं पेश होने को कहा था, लेकिन इसके बावजूद भी बाबा नहीं आए थे। दरअसल पिछले साल अनाज मंडी में आयोजित सदभावना सम्मेलन में बाबा रामदेव ने भाषण के दौरान कहा था कि कुछ लोग टोपी पहन कर कहते है कि भले ही उनका सिर कट जाए वे भारत माता की जय नहीं बोलेंगे, बाबा ने कहा था कि अगर उनके हाथ कानून से नहीं बंधे होते तो सैकडो सिर कलम करने की हिम्मत रखते है। बाबा के इस बयान के खिलाफ पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कारवाई न करने पर बाद में पूर्व मंत्री ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।


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