सावधान! कम सोने से दिमाग में जमा हो सकते हैं Toxins, बढ़ सकता है Alzheimer’s का खतरा

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Lack of Sleep Symptoms: नींद हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी होती है। ये रीसेट बटन की तरह है। सोने से हमारी बॉडी को दोबारा से एनर्जी मिलती है, जिससे आपकी बॉडी फिर से काम करने के लिए तैयार हो जाती है। लेकिन आजकल खराब लाइफस्टाइल की वजह से लोग न समय पर सो रहे और न ही 8 घंटे की पूरी नींद ले रहे हैं। कुछ लोग तो 8 घंटे से भी कम नींद लेते है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 8 घंटे से कम नींद लेने से हमारे दिमाग पर क्या असर होता है। यहां हम आपको…

Lack of Sleep Symptoms: नींद हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी होती है। ये रीसेट बटन की तरह है। सोने से हमारी बॉडी को दोबारा से एनर्जी मिलती है, जिससे आपकी बॉडी फिर से काम करने के लिए तैयार हो जाती है। लेकिन आजकल खराब लाइफस्टाइल की वजह से लोग न समय पर सो रहे और न ही 8 घंटे की पूरी नींद ले रहे हैं। कुछ लोग तो 8 घंटे से भी कम नींद लेते है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 8 घंटे से कम नींद लेने से हमारे दिमाग पर क्या असर होता है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं Lack of Sleep Symptoms के बारे में और ऐसा ना करने से क्या होगा।

Lack of Sleep Symptoms: पूरी नींद न लेने से होती है ये समस्या

Lack of Sleep Symptoms
Lack of Sleep Symptoms (Source: Social Media)

1. याददाश्त और सीखने की क्षमता में कमी

नींद के दौरान आपका दिमाग यादों को ‘सेव’ करता है। इसे Memory Consolidation कहते हैं। कम सोने से नई जानकारी को याद रखना मुश्किल हो जाता है। दरअसल, दिमाग की ‘हिप्पोकैम्पस’ नाम की ग्रंथि, जो यादें बनाती है, कम नींद के कारण सही से काम नहीं कर पाती है।

2. एकाग्रता और निर्णय लेने में दिक्कत

नींद की कमी का असर आपके Prefrontal Cortex पर पड़ता है, जो तर्क और योजना बनाने के लिए जिम्मेदार है। नींद की कमी की वजह से आप छोटे-छोटे फैसले लेने में उलझ सकते हैं और आपका ध्यान बार-बार भटकने लगता है। शोध बताते हैं कि 24 घंटे तक न सोना वैसा ही है जैसे कि शरीर में 0.10% अल्कोहल का स्तर होना यानी आप बिना शराब पिए नशे जैसी स्थिति में होते हैं।

3. भावनात्मक अस्थिरता

क्या आपने गौर किया है कि कम सोने पर आप जल्दी चिढ़ जाते हैं। दिमाग का इमोशनल सेंटर, जिसे Amygdala कहते हैं, नींद की कमी में 60% ज्यादा सक्रिय हो जाता है, जिससे आप छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा, तनाव या उदासी महसूस करने लगते हैं।

4. अल्जाइमर का खतरा

गहरी नींद के दौरान दिमाग का Glymphatic System सक्रिय होता है, जो बीटा-एमाइलॉयड जैसे जहरीले प्रोटीन को बाहर निकालता है। लगातार नींद की कमी से ये टॉक्सिन्स दिमाग में जमा होने लगते हैं, जो भविष्य में अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।