Vitamin D Deficiency Symptoms: विटामिन-डी हमारी सेहत के लिए बेहद जरूरी होता है। इसलिए इसकी कमी होने पर शरीर में कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं, जैसे- हड्डियों का कमजोर होना, इम्युनिटी कम होना, मूड स्विंग्स, डिप्रेशन आदि। हालांकि, विटामिन-डी की कमी का एक लक्षण ऐसा है, जिसका संकेत सिर्फ रात में ही दिखाई देता है, जिसे अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं। आइए जानें, क्या है वो लक्षण और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।
Vitamin D Deficiency Symptoms: विटामिन डी की कमी के लक्षण

- थकान और कमजोरी
- बार-बार बीमार पड़ना
- मांसपेशियों में दर्द और कमज़ोरी
- ऑस्टियोपोरोसिस और अस्थि भंग
- बालों का झड़ना
- अवसाद
- भार बढ़ना
- खुजली
- दांतों की सड़न और मसूड़ों की बीमारी
- यूटीआई
- सूखा रोग
Daily Requirement of Vitamin D: धूप लेने का सही समय और तरीका

- सूरज की रोशनी विटामिन-डी का सबसे नेचुरल और असरदार सोर्स है। लेकिन यह जानना जरूरी है कि धूप कब और कैसे लेनी है।
- सही समय – सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच की धूप सबसे अच्छी मानी जाती है, क्योंकि इस समय यूवी-बी किरणें शरीर में विटामिन-डी सिंथेसिस के लिए सबसे बेहतर होती हैं।
- समय – रोजाना लगभग 15-20 मिनट की धूप काफी है। ध्यान रहे, शरीर के खुले हिस्से, जैसे हाथ, पैर, पीठ पर सीधी धूप लें।
- ध्यान रखें कि शीशे की खिड़की के पीछे बैठने से विटामिन-डी नहीं बनता। सनस्क्रीन लगाने से पहले कुछ मिनटों के लिए बिना रुकावट धूप लेना फायदेमंद होता है।
विटामिन-डी से भरपूर फूड्स

- अगर धूप से पर्याप्त विटामिन-डी नहीं मिल पा रहा है, तो अपनी डाइट में इससे भरपूर चीजों को शामिल करें।
- फैटी फिश- सालमन, टूना, मैकेरल और सार्डिन जैसी मछलियां विटामिन-डी का बेहतरीन सोर्स है।
- अंडे की जर्दी- अंडे की जर्दी में भी अच्छी मात्रा में विटामिन-डी पाया जाता है।
- फोर्टिफाइड फूड आइटम्स- आजकल दूध, दही, संतरे का जूस, ओटमील और सीरियल्स जैसे फूड्स में विटामिन-डी मिलाया जाता है। खरीदते समय पैकेट पर इसकी जानकारी जरूर चेक करें।
सप्लीमेंट्स लें

विटामिन-डी की गंभीर कमी को केवल धूप और डाइट से पूरा कर पाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं। विटामिन-डी की कमी की पुष्टि के लिए डॉक्टर एक साधारण ब्लड टेस्ट करवाने को कहेंगे। रिपोर्ट के आधार पर ही वे आपकी जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट और उसकी खुराक तय करेंगे।बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसकी ज्यादा मात्रा शरीर में टॉक्सिसिटी की वजह बन सकती है।
Disclaimer. इस लेख में बताई गई विधि, तरीके और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। यह सामान्य जानकारी पर आधारित है, Punjabkesari.com इसकी पुष्टि नहीं करता है।
Also Read: Winters में क्यों बढ़ जाता है ‘Heart Attack’ का खतरा? जानें बचाव के उपाय और जरूरी सावधानियां


Download Android App
Download iOS App




