दिल्ली उच्च न्यायालय ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के तहत जांच में प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ में निजी तौर पर भाग नहीं लेने के लिए मोहम्मद इकबाल मेमन के बेटे के पासपोर्ट को निलंबित करने के केंद्र के आदेश को रद्द कर दिया है।
केंद्र का आदेश इकबाल मेमन के प्रवासी भारतीय (एनआरआई) बेटे जुनैद इकबाल मोहम्मद मेमन की याचिका पर आया है। जुनैद साल 1993 से संयुक्त अरब अमीरात में रह रहा है।
जुनैद ने अगस्त 2015 में केंद्र द्वारा उसके पासपोर्ट को निलंबित किए जाने को चुनौती दी थी। केंद्र ने ईडी के अनुरोध पर पासपोर्ट निलंबित किया था। ईडी ने समन जारी किए जाने के बावजूद जांच में शामिल होने से इनकार करने पर उसका पासपोर्ट निलंबित करने का अनुरोध किया था।
न्यायमूर्ति विभू बाखरु ने अपने आदेश में कहा कि जुनैद का पासपोर्ट जनहित में निलंबित नहीं किया जा सकता।
अदालत ने कहा कि जुनैद टेली कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने और इसके लिए बंदोबस्त करने के लिए राजी हो गया था लेकिन एजेंसी ने उसे नहीं माना।


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