भाजपा के एक सदस्य ने शुक्रवार को लोकसभा में सरकार से इस बात की जांच कराने की मांग की कि बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम से बच्चों की मौत के मामले में लीची को जिम्मेदार ठहराना कहीं इस फल को बदनाम करने की साजिश तो नहीं है। बिहार के सारण से लोकसभा सदस्य राजीव प्रताप रूड़ी ने शून्यकाल में इस विषय को उठाया और कहा कि मुजफ्फरपुर में हालात बहुत चिंताजनक हैं।
उन्होंने कहा, “हमें बताया गया है कि मुजफ्फरपुर में बच्चों द्वारा लीची का सेवन करना इन्सेफेलाइटिस का कारण हो सकता है। हम बचपन से लीची खा रहे हैं लेकिन हमें इन्सेफेलाइटिस नहीं हुआ।” रूड़ी ने कहा कि कुछ भ्रामक जानकारी की वजह से कई लोगों ने लीची खाना और लीची का जूस पीना बंद कर दिया है।

उन्होंने कहा, “सरकार को जांच करानी चाहिए कि मुजफ्फरपुर में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम से बच्चों की मौत को लीची खाने से जोड़ना कहीं भारतीय लीची उत्पादक किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र तो नहीं है।’’ बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में इन्सेफेलाइटिस से पिछले कुछ दिन में 100 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है।
कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के लापरवाही पूर्ण रवैये के कारण बिहार में हालात सुधर नहीं रहे और एईएस की वजह से गरीब बच्चों की मौत हो रही है। चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार में रोगियों और डॉक्टरों का अनुपात भी बहुत कम है।


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