26 अगस्त का पंचांग: ओणम के अवसर भगवान विष्णु के वामन अवतार की करें पूजा, दोपहर 1:32 से 3:15 बजे तक अमृत काल

Summary :

नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। 26 अगस्त 2026 (बुधवार) को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 7:59 बजे तक रहेगी; इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन ओणम का मुख्य दिन (थिरुवोणम) है। इस दिन केरल और देश भर में ओणम त्योहार के अवसर पर भगवान विष्णु के वामन अवतार की विशेष पूजा की जाती…

नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

26 अगस्त 2026 (बुधवार) को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 7:59 बजे तक रहेगी; इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन ओणम का मुख्य दिन (थिरुवोणम) है। इस दिन केरल और देश भर में ओणम त्योहार के अवसर पर भगवान विष्णु के वामन अवतार की विशेष पूजा की जाती है। बुधवार होने से भगवान गणेश की भी पूजा करना विशेष फलदाई रहेगा।

बुधवार सुबह 6:10 बजे सूर्योदय और शाम 6:46 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, शाम 5:47 बजे चंद्रोदय और अगले दिन तड़के 5:08 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 25 अगस्त 2026 को सूर्य मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मुख्य रूप से श्रवण नक्षत्र में रहेगा।

बुधवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि सुबह 07:58 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा, इसके बाद शोभन योग लग जाएगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल दोपहर 1:32 से 3:15 बजे तक रहेगा।

वहीं, राहुकाल दोपहर 12:28 बजे से 2:03 बजे और गुलिक काल सुबह 10:54 से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, यमगंड काल सुबह 7:45 से 9:19 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।

बुधवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेगा। उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

–आईएएनएस

एसडी/एएस

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.