नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए के कई नेताओं ने इस घटना के बहाने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और टीएमसी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए हैं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के बेगूसराय में मीडिया से बातचीत के दौरान टीएमसी और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जब टीएमसी सत्ता में थी, तब पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों का अभाव बताया जाता था और जनप्रतिनिधियों को खुलकर बोलने की आजादी नहीं थी। अब सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी के नेताओं और विधायकों के बीच असंतोष खुलकर सामने आ रहा है।”
गिरिराज सिंह ने राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल की टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में टीएमसी शासन के दौरान हुई कथित राजनीतिक हिंसा और जनप्रतिनिधियों पर हमलों की घटनाओं को भुलाया नहीं जा सकता।” उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अतीत की घटनाओं को याद रखने की जरूरत है।
मुंबई में शिवसेना नेता शायना एनसी ने भी इस मुद्दे पर टीएमसी नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी इस मामले में राजनीतिक नाटक कर रही हैं और उन्हें पता है कि पार्टी के भीतर असंतोष है। किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है और अभिषेक बनर्जी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जानी चाहिए।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता का माहौल रहा है, जिसे बदलने की आवश्यकता है।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने आगरा में कहा, “पश्चिम बंगाल में चुनावों के बाद हिंसा, आगजनी और पलायन जैसी घटनाओं की खबरें सामने आती रही हैं। उस समय लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताने वाले लोग अब अलग रुख क्यों अपना रहे हैं।” उनके अनुसार, हालिया घटना को लेकर की जा रही टिप्पणियों में राजनीतिक दृष्टिकोण अधिक दिखाई देता है।
वहीं, लखनऊ में मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक कथित तौर पर ‘जंगल राज’ जैसी स्थिति बनी रही।” उन्होंने दावा किया कि जनता के बीच मौजूद नाराजगी अब लोकतांत्रिक तरीके से सामने आ रही है।
–आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
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