कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के बयान को लेकर पार्टी में रार बढ़ती जा रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अब सिब्बल को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि बिना कुछ किए बोलना आत्मनिरीक्षण होता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग कांग्रेस की उपेक्षा कर रहे हैं और शर्मनाक गतिविधियों में लिप्त हो रहे हैं, वह दूसरी पार्टी जॉइन कर सकते हैं या फिर अपनी पार्टी बना सकते हैं।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए अधीर रंजन ने कहा, ‘अगर कोई नेता सोचता है कि कांग्रेस उसके लिए सही पार्टी नहीं है तो वो नई पार्टी बना सकता है या कोई और पार्टी जॉइन कर सकता है, जिसके बारे में वो सोचता हो कि ये उसके लिए सही दल है, लेकिन उनको इस तरह की शर्मनाक गतिविधियों में लिप्त नहीं होना चाहिए, जिससे कांग्रेस पार्टी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हों।’
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उन्होंने कहा, ‘कपिल सिब्बल ने इस बारे में पहले भी बात की थी। वह कांग्रेस पार्टी और आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता के बारे में बहुत चिंतित हैं। लेकिन हमने बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश या गुजरात के चुनावों में उनका चेहरा नहीं देखा।’
दरअसल, सिब्बल ने अपने एक बयान में कहा था कि उन्हें मजबूरी में अपनी बात सार्वजनिक रूप से कहनी पड़ रही है क्योंकि पार्टी नेतृत्व ने बातचीत का कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा, सिर्फ बिहार ही नहीं, देश में जहां जहां चुनाव और उपचुनाव हुए हैं वहां लोग कांग्रेस को प्रभावी विकल्प नहीं मान रहे हैं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कपिल सिब्बल के इस बयान की आलोचना की तो वहीं, देश के पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम का साथ मिला। उन्होंने कहा, कांग्रेस के लिए आत्मविश्लेषण, चिंतन और विचार-विमर्श करने का समय है।


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