नई दिल्ली : राजधानी में जारी सीलिंग के विरोध में मंगलवार को दिल्ली व्यापार बंद रहेगा। इस दौरान सभी व्यापारी बाजारों में सीलिंग की अर्थी निकालेंगे। साथ ही सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन कर जल्द से जल्द सीलिंग का हल निकालने का प्रयास करेंगे। इस संबंध में चैम्बर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के संयोजक बृजेश गोयल ने कहा कि 13 मार्च का दिल्ली बंद ऐतिहासिक रहेगा। इस बंद को किसी पार्टी का नहीं बल्कि सभी व्यापार संगठनों का समर्थन मिला है। इस बार दिल्ली बंद को लेकर पूरा व्यापारी समुदाय एकजुट है। उन्होंने कहा कि अब तक 1200 से अधिक छोटी बड़ी ट्रेड एसोसिएशन ने अपने अपने बाजार बंद का सर्कुलर भेजकर समर्थन किया है।
बंद रहेंगे बाजार
सीलिंग के विरोध में मंगलवार को चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, खारी बावली, कनॉट प्लेस, गांधी नगर, लक्ष्मी नगर, अशोक विहार, राजौरी गार्डन, लाजपत नगर, ग्रेटर कैलाश, साउथ एक्स, सरोजनी नगर, कमला नगर, नया बाजार, भागीरथ प्लेस, लाजपतराय मार्केट, कश्मीरी गेट, प्रीत विहार, शाहदरा , कृष्णा नगर, जनकपुरी, तिलक नगर, माॅडल टाउन सहित दिल्ली के तमाम छोटे बड़े बाजार बंद रहेंगे।
निकलेगी शव यात्रा
राजधानी में बड़े स्तर पर 100 से अधिक बाजारों में सीलिंग की शवयात्रा निकाली जाएगी। सबसे बड़ी शवयात्रा कश्मीरी गेट मार्केट से शुरू होकर निगम बोध घाट जाएगी और वहां सीलिंग की अर्थी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सुस्त रहा सीलिंग अभियान
सोमवार को दिल्ली में सीलिंग का अभियान सुस्त रहा। तीनों नगर निगमों में मिलाकर महज 30 संपत्तियां सील हुईं। नगर निगमों को कई स्थानों पर पुलिस फोर्स न मिल पाने के कारण सीलिंग का अभियान शुरू नहीं हो पाया। तीनों निगमों में सबसे अधिक सीलिंग पूर्वी दिल्ली नगर निगम के इलाके में हुई। पूर्वी दिल्ली में गगन विहार इलाके में 10, शकरपुर इलाके में 10 और गांधी नगर में 3 संपत्तियों में सीलिंग की गई। वहीं दूसरी ओर उत्तरी निगम ने महज 7 संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई की।
केजरीवाल की सर्वदलीय बैठक में नहीं जाएगी भाजपा
सीलिंग को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में दिल्ली भाजपा ने शामिल होने से इन्कार कर दिया है। साथ ही जवाबी पत्र लिखकर अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। दिल्ली में सीलिंग के मुद्दे पर सोमवार को भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सरकार ने सीलिंग के मुद्दे पर सिर्फ राजनीति की है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सीलिंग को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने व्यापारियों को राहत देने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाला 351 सड़कों को नोटिफाई करने का कार्य किया और न ही आपकी सरकार ने कोई प्रतिष्ठित वकील सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त किया।
मुख्यमंत्री को यह पत्र प्रदेश महामंत्री कुलजीत सिंह चहल, रविन्द्र गुप्ता और राजेश भाटिया ने संयुक्त रूप से लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा कि दिल्ली के व्यापारी सरकार से यह जानना चाहती है कि 351 सड़कों के नोटिफिकेशन को उपराज्यपाल की स्वीकृति के बाद भी आपने क्यों इतने लम्बे समय से लंबित किया हुआ है। नोटिफिकेशन पर आपकी सरकार की इस लापरवाही के कारण ही दिल्ली में वातावरण खराब हुआ है।
पत्र में भाजपा ने मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा है कि आपने दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा सीलिंग पर चर्चा के लिए समय मांगने पर किया और यह कहीं न कहीं आप दोनों दलों की सांठगांठ का परिणाम लगता है। बेहतर होगा कि सीलिंग के मसले पर बैठक करने से पहले एक मुख्यमंत्री होने के नाते आपकी सरकार व्यापारियों के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाएं और प्रतिष्ठित वकील की नियुक्ति करें।
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