AIMSS चमियाना ने एडवांस्ड एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड-गाइडेड प्रोसीजर किए शुरू

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AIMSS News Today: अटल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल सुपर स्पेशलिटीज़, चमियाना (AIMSS ) के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डिपार्टमेंट ने दो एडवांस्ड एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS)-गाइडेड सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी प्रोसीजर सफलतापूर्वक किए हैं, जो राज्य में सुपर-स्पेशियलिटी हेल्थकेयर सेवाओं के विस्तार में एक अहम मील का पत्थर है। सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी एक मिनिमली इनवेसिव, जान बचाने वाला प्रोसीजर है जिसका इस्तेमाल पेट में मवाद या पानी के जमाव के इलाज के लिए किया जाता है, जिसे आमतौर पर एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस की दिक्कतों के तौर पर देखा जाता है। इन जमावों से लगातार उल्टी, पेट में दर्द, इन्फेक्शन और खाना न खा पाने जैसे गंभीर लक्षण हो सकते हैं। AIMSS…

AIMSS News Today: अटल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल सुपर स्पेशलिटीज़, चमियाना (AIMSS ) के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डिपार्टमेंट ने दो एडवांस्ड एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS)-गाइडेड सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी प्रोसीजर सफलतापूर्वक किए हैं, जो राज्य में सुपर-स्पेशियलिटी हेल्थकेयर सेवाओं के विस्तार में एक अहम मील का पत्थर है।

सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी एक मिनिमली इनवेसिव, जान बचाने वाला प्रोसीजर है जिसका इस्तेमाल पेट में मवाद या पानी के जमाव के इलाज के लिए किया जाता है, जिसे आमतौर पर एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस की दिक्कतों के तौर पर देखा जाता है। इन जमावों से लगातार उल्टी, पेट में दर्द, इन्फेक्शन और खाना न खा पाने जैसे गंभीर लक्षण हो सकते हैं।

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इन मरीज़ों में से एक एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस से पीड़ित जवान महिला थी, जिसके पेट में एक बड़ा जमाव हो गया था। उसका पेट दब गया था, जिससे उसे बार-बार उल्टी होती थी और वह खाना नहीं खा पाती थी। दूसरा मरीज़, एक पुरुष था जिसके पेट में कई जमाव थे। वह भी मुंह से खाना बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। दोनों रोगियों का सफल EUS-निर्देशित सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी हुआ और वे अच्छी तरह से ठीक हो गए हैं। उन्हें स्थिर हालत में छुट्टी दे दी गई है।

प्रक्रियाएं गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्राचार्य-सह-प्रमुख प्रोफेसर बृज शर्मा द्वारा डॉ राजेश शर्मा, डॉ विशाल बोध डॉ आशीष चौहान, डॉ जगरूप, डॉ नवीन, डॉ यशदीप, डॉ नलिन और टीम के सदस्यों मोनिका पाल, जय प्रकाश, तमन्ना, अजय, सुनील और आशुतोष के साथ की गईं। विभाग द्वारा अतीत में इसी तरह की प्रक्रियाएं की गई हैं और अब उन्हें एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS) का उपयोग करके किया जा रहा है। यह एक उन्नत तकनीक है जो एंडोस्कोपी और अल्ट्रासाउंड इमेजिंग को जोड़ती है।

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EUS डॉक्टरों को वास्तविक समय में आंतरिक अंगों को देखने और पेट और संक्रमित संग्रह के बीच सुरक्षित रूप से एक मार्ग बनाने की अनुमति देता है, जिससे खुली सर्जरी की आवश्यकता के बिना आंतरिक जल निकासी संभव हो जाती है। AIMSS चमियाना में EUS सर्विस शुरू होने से, मरीज़ अब राज्य के अंदर ही ये बहुत खास इलाज पा सकते हैं, जिससे देरी, खर्च और आने-जाने का बोझ कम होगा।

सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी के अलावा, डिपार्टमेंट ने हाल ही में कोलैंजियोस्कोपी प्रोसीजर भी किए हैं। कोलैंजियोस्कोपी से बाइल डक्ट्स को सीधे देखा जा सकता है, जिससे डॉक्टर बाइल डक्ट के बड़े पत्थरों को एंडोस्कोपिक तरीके से तोड़ सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर बाइलरी ट्रैक्ट से बायोप्सी ले सकते हैं। यह एडवांस्ड सुविधा जल्द ही AIMSS चमियाना में पूरी तरह से चालू हो जाएगी।

CM सुखविंदर सिंह सुक्खू

इन लेटेस्ट एंडोस्कोपिक सर्विस की शुरुआत प्रदेशवासियों के घर के पास वर्ल्ड-क्लास हेल्थकेयर देने और हिमाचल प्रदेश में टर्शियरी केयर सर्विस को मज़बूत करने के लगातार कमिटमेंट को दिखाती है। डॉ ब्रिज शर्मा ने कहा कि इंस्टीट्यूशन में लेटेस्ट मशीनरी देने का क्रेडिट प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को जाता है, जिनका विज़न राज्य में वर्ल्ड क्लास और लेटेस्ट सुविधाएं देना है।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।