अखिलेश यादव का बयान: संविधान में धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करना जरूरी

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संविधान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी: अखिलेश यादव

लोकसभा में संविधान पर बहस से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ सरकार के फैसलों की वजह से देश में असमानता बढ़ी है और कहा कि धर्मनिरपेक्षता को मजबूत किया जाना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा, “संविधान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। संविधान हमें (पीडीए परिवार) आगे का रास्ता दिखाता है और हमारी रक्षा करता है। संविधान की रक्षा करना ‘पीडीए परिवार’ की जिम्मेदारी है…सरकार के फैसले की वजह से देश में असमानता बढ़ी है…धर्मनिरपेक्षता को मजबूत किया जाना चाहिए।

अखिलेश यादव का बयान

सपा प्रमुख ने कहा कि ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ चुनाव जीतने के लिए भाजपा का ‘जुगाड़’ है। सपा नेता एसटी हसन ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव के पीछे एक बड़ी साजिश है, उन्होंने कहा कि अप्रत्यक्ष रूप से केवल केंद्र ही शासन करेगा। हसन ने कहा, “हमारे देश में यह संभव नहीं है। इसके पीछे एक बहुत बड़ी साजिश है… अप्रत्यक्ष रूप से, केवल केंद्र ही शासन करेगा… वे संविधान को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। वे एक राष्ट्र एक संविधान कहते हुए एक समान सिविल कोर्ट की बात कर रहे हैं। कल आप कहेंगे एक राष्ट्र एक संस्कृति, परसों आप कहेंगे एक राष्ट्र एक धर्म… सभी चुनाव एक साथ कराना संभव नहीं है।”

75वीं वर्षगांठ पर एक विशेष चर्चा

इस बीच, संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ पर एक विशेष चर्चा शुरू होने वाली है और नवनिर्वाचित वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा बहस के दौरान लोकसभा में अपना पहला भाषण दे सकती हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बहस की शुरुआत कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को संसद में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विधेयक को मंजूरी दे दी, जो चुनावी प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शीतकालीन संसद का पहला सत्र 25 नवंबर को शुरू हुआ, जिसमें व्यवधानों के कारण दोनों सदनों को काफी पहले स्थगित कर दिया गया। शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा।

(News Agency)

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