सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ आसाराम बापू की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। हाई कोर्ट ने बलात्कार के मामले में सजा निलंबित करने के उनके आवेदन को खारिज कर दिया था।न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एस.वी.एन. भट्टी की पीठ ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
हालाँकि, पीठ ने याचिकाकर्ता को निचली अदालत के दोषसिद्धि आदेश के खिलाफ अपील पर फैसला होने तक जमानत के लिए हाई कोर्ट में एक नया आवेदन दायर करने की छूट दे दी। राजस्थान हाई कोर्ट ने पिछले साल जुलाई में लंबित अपील के निपटारे तक सजा निलंबित करने की आरोपी की याचिका खारिज कर दी थी। इसमें कहा गया था कि सजा के निलंबन के लिए पिछले दो आवेदन खारिज कर दिए गए थे।
2018 में एक ट्रायल कोर्ट द्वारा पॉक्सो एक्ट और अन्य अपराधों के तहत दोषी ठहराए जाने के बाद आसाराम जोधपुर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। वह पहले ही दस साल से अधिक समय तक कैद में रह चुका है। आरोपी गुजरात में एक और मुकदमे में हिरासत में है। इस साल जनवरी में गांधीनगर अदालत ने उसे अहमदाबाद में 1997 से 2006 के बीच रेप के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।


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