Nasarpur Rape Case: 4 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले को फांसी, फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला

Summary :

पुणे जिले के नसरापुर इलाके में एक भयावह घटना सामने आई है। इस घटना के बाद इलाके से लेकर देश भर में हड़कंप मच गया है। इस दुखद घटना ने पूरे समाज को हिला कर रख दिया। एक चार साल की मासूम बच्ची के साथ बेरहमी से मारपीट और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। अब इस मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। स्पेशल कोर्ट ने आरोपी भीमराव कांबले (65 वर्षीय) को मौत की सजा सुनाई है। इस फैसले से पीड़िता के परिवार में उम्मीद जगी है कि उन्हें कुछ हद तक कोर्ट की तरफ से…

पुणे जिले के नसरापुर इलाके में एक भयावह घटना सामने आई है। इस घटना के बाद इलाके से लेकर देश भर में हड़कंप मच गया है। इस दुखद घटना ने पूरे समाज को हिला कर रख दिया। एक चार साल की मासूम बच्ची के साथ बेरहमी से मारपीट और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। अब इस मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। स्पेशल कोर्ट ने आरोपी भीमराव कांबले (65 वर्षीय) को मौत की सजा सुनाई है। इस फैसले से पीड़िता के परिवार में उम्मीद जगी है कि उन्हें कुछ हद तक कोर्ट की तरफ से न्याय मिला है।

Child rape conviction पर कोर्ट का अहम फैसला

Court awards death penalty (credit-sm)

बता दें कि इस मामले की सुनवाई सोमवार, 29 जून को एक स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पूरी हुई। जज एस.आर. सालुंखे ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों को देखते हुए आरोपी को सबसे कड़ी सजा देने का बड़ा फैसला किया। सुनवाई के दौरान पीड़िता का पूरा परिवार कोर्ट में मौजूद था। फैसले के बाद कोर्ट का माहौल भावुक भरा था। कई लोगों का मानना ​​है कि ऐसे मामलों में तेजी से न्याय मिलने से समाज में एक सही मेसेज मिलेगा।

एक महीने के अंदर पूरी हुई कानूनी प्रक्रिया

Child rape case verdict (credit-sm)

इस मामले ने लोगों का काफी ध्यान खींचा क्योंकि शुरुआती जांच से लेकर कोर्ट के अंतिम फैसले तक की पूरी प्रक्रिया बहुत तेजी से पूरी हुई। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया था। इसके बाद, जांच एजेंसियों ने सबूत इकट्ठा करते हुए कम समय में सारे सबूतों को कोर्ट के सामने पेश किया। लगभग 30 दिन के भीतर ही सुनवाई पूरी हो गई और दोषी को सजा सुनाई गई।

बता दें कि कोर्ट के इस फैसले को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की दृष्टिकोण से एक अहम कदम के तौर पर बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़िता के परिवार ने भी फैसले पर संतोष जाहिर किया है। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और समाज में जागरूकता को दिखाता है।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।