पटना, 24 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हो रही देरी, पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और परिणाम जारी करने में विलंब को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के कारण सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों योग्य अभ्यर्थियों में गहरा असंतोष और चिंता व्याप्त है। तेजस्वी ने सरकार से आंदोलनरत छात्र-अभ्यर्थियों से सकारात्मक संवाद स्थापित कर उनकी मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।
तेजस्वी ने पत्र में कहा कि उन्होंने हाल ही में पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर आंदोलनरत छात्र-अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को सुना है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य और राज्य की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 का एकल परीक्षा के रूप में आयोजन कराया जाए और ‘एक अभ्यर्थी, एक परिणाम’ की नीति लागू की जाए। साथ ही, एलईटी और बीईटी परीक्षाओं का नियमित आयोजन निश्चित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित करने की मांग की।
बिहार लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ कथित भेदभाव को तत्काल समाप्त करने की मांग करते हुए तेजस्वी ने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने दारोगा, सिपाही, बीएसएससी और बीपीएससी समेत अन्य परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता रोकने की मांग की। तेजस्वी ने पूर्व में विवादों में रही परीक्षाओं की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराने तथा दोषियों और कथित भर्ती माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति, आयु सीमा में छूट, आरक्षण और डोमिसाइल नीति के सख्ती से पालन तथा अतिथि सहायक प्राध्यापकों के सेवा संरक्षण पर तत्काल निर्णय लेने की मांग भी रखी। पत्र में बीएसएससी इंटरमीडिएट, सीजीएल, एएसओ, बीएसओ, लाइब्रेरियन और लेखपाल सहित सभी लंबित परीक्षाओं की तिथियां जल्द घोषित कर पूरी प्रक्रिया समयबद्ध करने की मांग की गई है। इसके अलावा सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर अनिवार्य रूप से जारी करने और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता सुनिश्चित करते हुए शैक्षणिक सत्र नियमित करने की मांग की गई है।
तेजस्वी ने कहा कि बिहार के लाखों छात्र-युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से आंदोलनरत युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं करने और तत्काल आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रों और युवाओं की एकजुटता सरकार को कार्रवाई के लिए मजबूर करेगी।
–आईएएनएस
एमएनपी/डीकेपी
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