पटना, 22 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर संदेश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। सीएम नीतीश ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आपने बिहार की समृद्ध विरासत, संस्कृति और प्रगति के प्रयासों की सराहना की है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “हम राज्य के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय, सुशासन और आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं। केंद्र सरकार का पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है। अब बिहार और अधिक विकसित होगा तथा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”
पीएम मोदी को लेकर उन्होंने कहा, “आपके मार्गदर्शन और सहयोग से बिहार के कर्मठ व प्रतिभाशाली लोग निश्चित रूप से राज्य और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।”
इसके साथ ही, नीतीश कुमार ने बिहार दिवस पर प्रदेशवासियों के लिए बधाई संदेश भी लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, “बिहार दिवस, बिहार के समृद्ध इतिहास, बिहार के सामर्थ्य और बिहार की परंपराओं का उत्सव मनाने का दिन है। ये भारत की सशक्त पहचान में बिहार के अमूल्य योगदान को याद करने का अवसर है।”
उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने प्राचीन काल से ही ज्ञान, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज को समृद्ध किया है। इस धरा पर दिए गए भगवान बुद्ध के विचार आज भी वैश्विक चेतना का हिस्सा हैं और मानवता को मार्ग दिखा रहे हैं। इस भूमि ने आचार्य चाणक्य जैसे महान कूटनीतिज्ञ का प्रभाव देखा, जिन्होंने सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के साथ मिलकर एक सशक्त और संगठित भारत की नींव रखी। ये विरासत आज भी भारत की सोच और दिशा को प्रेरित करती है।
सीएम नीतीश ने अपने पत्र में लिखा, “बिहारवासियों ने देश और दुनियाभर में अपनी मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई है। समाज की सेवा हो या फिर उद्योग जगत, शिक्षा का क्षेत्र हो या कला और संगीत की विधा, हर क्षेत्र में बिहारवासियों का योगदान अतुलनीय है। हर किसी के साथ मिलकर आगे बढ़ने और सफल होने की बिहार के लोगों की प्रवृत्ति बहुत ही सराहनीय है।
बिहार के लोग जहां भी जाते हैं, अपने साथ राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि और मूल्यों को भी लेकर जाते हैं।”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर पुराने क्षणों को याद करते हुए लिखा, “मुझे याद है जब मैं मुख्यमंत्री था, तब भी मैंने बहुत करीब से देखा है कि कैसे बिहार के लोग गुजरात की प्रगति में योगदान दे रहे थे। खासकर सूरत के विकास में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बिहार गठन के 100 साल पूरे होने पर सूरत में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। उसमें सभी लोगों ने मिलकर बिहार की गौरवशाली विरासत का उत्सव मनाया था।”
उन्होंने आगे कहा, “इसी तरह मैंने मॉरीशस, गुयाना और त्रिनिदाद एंड टोबैगो में भी बिहार की संस्कृति को फलते-फूलते देखा है। वहां भी बिहार की जड़ों से जुड़े लोगों ने अपनी संस्कृति को सहेजकर रखा है। बिहार की सांस्कृतिक परंपराएं आज वैश्विक पहचान बना रही हैं। महापर्व छठ इसका सबसे सशक्त उदाहरण है, जो अब दुनियाभर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।”
नीतीश कुमार ने बिहारवासियों के नाम अपने संदेश में महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह का जिक्र किया। उन्होंने 1970 के कठिन दौर को भी याद किया और लोकनायक जयप्रकाश नारायण व जननायक कर्पूरी ठाकुर के योगदान को भी सराहा।
तीन पन्नों के अपने संदेश में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और समावेशी विकास के लिए सरकार की योजना व उपलब्धियों को गिनवाया। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बिहार एक बड़े परिवर्तन का साक्षी बना है। सुशासन के साथ समाज के सभी वर्गों के कल्याण के प्रति आपकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता ने राज्य में विश्वास, स्थिरता और प्रगति की एक नई धारा शुरू की है।”
उन्होंने कहा कि आज का बिहार, अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर, आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर अग्रसर है। बिहार की ये यात्रा, वास्तव में भारत की यात्रा का ही प्रतिबिम्ब है, जिसमें निरंतरता, परिवर्तन और आशा तीनों साथ-साथ चल रहे हैं।
–आईएएनएस
डीसीएच/
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