नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। दोनों के बीच किन-किन मुद्दों पर बातचीत हुई? इस बारे में खुद मंत्री मिथलेश तिवारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया।
उन्होंने इस मुलाकात को सार्थक बताते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात के बाद यह विश्वास हो चुका है कि हम आगामी दिनों में बिहार में लोगों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने में जरूर सफल होंगे। मुलाकात के दौरान मुझे इस बात का एहसास हुआ कि केंद्रीय मंत्री बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े कदम उठाने के लिए उत्साहित हैं। मुझे उनसे मिलकर काफी अच्छा लगा। मेरी उनसे बिहार के शिक्षा के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
बिहार सरकार में मंत्री मिथलेश तिवारी ने कहा कि इस मुलाकात के दौरान हमने जिन-जिन मुद्दों का जिक्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सामने किया, उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि उन सभी मुद्दों का निस्तारण हर हाल में किया जाएगा। इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। मेरी बातों को सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री ने अपने अधिकारियों को फौरन बिहार जाने का निर्देश दिया और कहा कि वहां पर तमाम समस्याओं का निदान किया जाए।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुझसे खुद कहा है कि वह बिहार आने के लिए इच्छुक हैं और वहां पर जो भी समस्या है, उसे दूर करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। हमने अपनी तरफ से भी केंद्रीय मंत्री को सभी मांगों को रखा है, और उन्होंने हमें पूरा भरोसा दिलाया है कि आपकी हर मांग को पूरा किया जाएगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि बिहार में गुणवत्ता युक्त शिक्षा सभी को मिले।
इसके अलावा, उन्होंने राजधानी पटना में खान सर और रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मैं भी इस पूरे प्रकरण से हतप्रभ हूं कि जिन कोचिंग संस्थानों का जिक्र पढ़ाई को लेकर होना चाहिए था, वो उनका जिक्र अब लड़ाई झगड़ों को लेकर हो रहा है। कुल मिलाकर, यह पूरी साजिश हमारी सरकार को बदनाम करने के मकसद से थी, जो अब पूरी तरह से विफल हो चुकी है। अब पुलिस प्रशासन ने ऐसे लोगों को चिन्हित करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला कर लिया है। इस दिशा में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई भी कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब कोचिंग संस्थानों की लड़ाई में विद्यार्थियों को भी शामिल किया जा रहा है। मैं सभी छात्रों से अपील करूंगा कि वो किसी भी प्रकार की लड़ाई में शामिल न हो, क्योंकि इसका उनका भविष्य बिगड़ेगा। छात्रों के लिए यह बेहतर रहेगा कि वो अपनी पढ़ाई और अपने करियर पर ध्यान दें। हम बिहार राज्य कोचिंग नियमावली बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। आगामी तीन महीने में इसे लागू किया जाएगा। सभी कोचिंग संस्थानों को इसमें शामिल किया जाएगा। इस संबंध में बाकायदा एक आचार संहिता भी बनाई जाएगी। इस आचार संहिता में यह निर्धारित किया जाएगा कि क्या कदम उठाना है, क्या नहीं। तभी जाकर हम इस तरह की स्थिति से बच पाएंगे।
इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने के मौके पर आम लोगों के बीच में खुशी का माहौल है, क्योंकि इन सालों में प्रधानमंत्री ने आम जनता के हितों के लिए काम किया। उन्होंने अपनी कार्यशैली के तहत हमेशा से ही यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि जनता के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह आम लोगों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसे का ही नतीजा है कि कई राज्यों में भाजपा की सरकार है। प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान देश के गरीबों के लिए काम किया और उन्हें इस लायक बनाया कि वो देश के अमीरों के साथ भी बैठ सकें। कुल मिलाकर हम इस बात को लेकर आनंदित हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के 12 साल पूरे कर लिए और लगातार विकास के काम कर रहे हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि विकास के कार्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।
बिहार सरकार में मंत्री ने कहा कि हम गरीबों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को लेकर आम लोगों के बीच में लेकर जा रहे हैं। उन्हें इस बात के बारे में बता रहे हैं कि आगामी दिनों में कैस ये योजनाएं उन्हें लाभान्वित कर सकती है। इस दिशा में हमने पूरी रूपरेखा निर्धारित कर ली है, जिसके अनुरूप हम काम कर रहे हैं। हम लोगों के साथ संवाद स्थापित करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आशीर्वाद मांग रहे हैं।
–आईएएनएस
एसएचके/डीकेपी
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