लोकसभा चुनाव के मद्देनजर महाराष्ट्र में कांग्रेस और राकांपा के गठबंधन के बाद भाजपा ने शिवसेना के साथ तल्ख रिश्तों में नरमी लाने का संकेत दिया है। भाजपा ने शिवसेना के साथ गठबंधन के सवाल पर कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए।
लोकसभा चुनाव के कुछ ही महीने शेष होने के बीच भाजपा ने शिवसेना के साथ तल्ख रिश्तों के बावजूद गठबंधन के द्वार खोले रखे हैं । शिवसेना के साथ गठबंधन के बारे में एक सवाल के जवाब में भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि शिवसेना राजग का हिस्सा है और सरकार में भी शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमने 2014 का लोकसभा चुनाव साथ में मिलकर लड़ा था। हम महाराष्ट्र में सरकार में सहयोगी हैं और राष्ट्रीय स्तर पर भी सरकार में हैं।’’
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जावड़ेकर ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ी थी। तब भाजपा 26 सीटों पर और शिवसेना 22 सीटों पर चुनाव मैदान में उतरी थी। इस गठबंधन ने 48 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी । भाजपा नेता ने कहा, ‘‘ इस साल :लोकसभा चुनाव 2019: के बारे में थोड़ा इंतजार कीजिए।’’
लंबे समय के साझेदार भाजपा और शिवसेना में 2014 तक यह समझ थी कि भाजपा राज्य में लोकसभा की ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ती थी और शिवसेना महाराष्ट्र विधानसभा की ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ती थी।
साल 2014 के विधानसभा चुनाव में हालांकि यह गठबंधन खत्म हो गया जब भाजपा ने मजबूत मोदी लहर पर सवार होकर अकेले महाराष्ट्र में चुनाव लड़ी और 122 सीटों पर जीत हासिल की जबकि शिवसेना को महज 63 सीटों पर जीत मिली।
वहीं मुम्बई में शिवसेना ने सोमवार को कहा कि वह महाराष्ट्र में भाजपा के साथ गठबंधन में हमेशा ‘बड़े भाई’ की भूमिका में रहेगी और भाजपा की तरफ से इस आशय का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।
पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में शिवसेना के राज्यसभा सदस्य और संसद में मुख्य सचेतक संजय राउत ने कहा कि पार्टी यह भी चाहती है कि आयकर सीमा भी 2.5 लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी जाए।


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