छत्तीसगढ़: धान खरीदी घोटाले में फरार समिति प्रभारी गिरफ्तार, 40.96 लाख रुपए की अनियमितता का आरोप

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बागबाहरा, 18 जुलाई (आईएएनएस)। धान खरीदी में करीब 40.96 लाख रुपए की अनियमितता के मामले में फरार चल रहे समिति प्रभारी को छत्तीसगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार था। तकनीकी विश्लेषण और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने उसे ग्राम मोखा से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस के अनुसार, 24 जनवरी 2026 को मुनगासेर शाखा के शाखा प्रबंधक सेवकराम चंद्राकर ने बागबाहरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उपार्जन केंद्र बाघामुड़ा के ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र में 1,25,878 कट्टा धान मौजूद होना चाहिए था, लेकिन…

बागबाहरा, 18 जुलाई (आईएएनएस)। धान खरीदी में करीब 40.96 लाख रुपए की अनियमितता के मामले में फरार चल रहे समिति प्रभारी को छत्तीसगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार था। तकनीकी विश्लेषण और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने उसे ग्राम मोखा से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, 24 जनवरी 2026 को मुनगासेर शाखा के शाखा प्रबंधक सेवकराम चंद्राकर ने बागबाहरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उपार्जन केंद्र बाघामुड़ा के ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र में 1,25,878 कट्टा धान मौजूद होना चाहिए था, लेकिन जब अधिकारियों ने मौके पर भौतिक सत्यापन किया तो वहां केवल 1,22,574 कट्टा धान ही मिला। इस तरह ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच 3,304 कट्टा धान (1,321.6 क्विंटल) का अंतर पाया गया।

जांच में सामने आया कि गायब धान की कीमत समर्थन मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 40,96,960 रुपए है। प्रारंभिक जांच में इस अनियमितता के लिए केंद्र के समिति प्रभारी प्रेमसिंह ध्रुव को जिम्मेदार माना गया। इसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और लोकेशन का तकनीकी विश्लेषण किया। इसके आधार पर उसकी मौजूदगी का पता लगाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने ग्राम मोखा में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को 17 जुलाई को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस अनियमितता में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

–आईएएनएस

एसएचके/वीसी

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