यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदरसों के बाद अब संस्कृत विद्यालयों को भी आधुनिक शिक्षा से जोड़े जाने पर जोर दिया है। सीएम ने सरकार की योजनाओं को बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि मदरसों के साथ-साथ संस्कृत पाठशालाओं को भी आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की जरूरत है
आपको बता दे कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी की मांग को खारिज करते हुये कहा कि किसी मदरसे को बंद नहीं किया जायेगा। सीएम योगी ने आज यहां तिलक हाल में उत्तर क्षेत्र अल्पसंख्यक कल्याण समन्वय बैठक का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में किसी भी राज्य में मदरसों को बंद नहीं किया जायेगा। मदरसों को आधुनिक बनाया जायेगा।
उन्होंने कहा कि मदरसों को बंद करना कोई हल नहीं। मदरसों का आधुनिकीकरण होना चाहिए। मदरसों को कम्प्यूटर से जोड़ना होगा। इसी तरह से संस्कृत विद्यालयों को भी आधुनिक बनाया जायेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार अल्पसंख्यक कल्याण की नई-नई योजनाएं बना रही है। राज्य सरकार भी उसका अनुपालन करने में लगी है।
सीएम योगी ने कहा कि मदरसों में पारंपरिक शिक्षा के साथ ही अंग्रेजी, कम्प्यूटर तथा आधुनिक विषयों की शिक्षा दी जानी चाहिये। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय पर बेहद अहम जिम्मेदारी है। हमें सबको साथ लेकर चलना है। समाज में सभी वर्गो के हित से ही देश आगे बढ़ेगा। समाज में किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव होता है तो वह अपने आपको उपेक्षित महसूस करता है। सरकार का प्रयास रहता है कि कोई भी व्यक्ति अपने को उपेक्षित न महसूस करे। हमें ध्यान रखना है कि कोई व्यक्ति अराजकता का शिकार न हो।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिना भेदभाव के हर तबके के विकास के लिए कार्य कर रही है। शासन की सभी योजनाओं को समाज के हर तबके तक पहुंचाने का कार्य करना है। प्रदेश में जब भाजपा सरकार बनी थी तब बहुत सारी आशंकाएं थीं। हम सबका साथ सबका विकास के नारे के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में राशन कार्डों का सत्यापन कराया गया। अभी तक 37 लाख लोगों के नये राशन कार्ड बना दिये गये है। बिना भेदभाव के सभी वर्ग के लिए काम कर रहे हैं। अल्पसंख्यक वर्ग के विकास के लिए प्रधानमंत्री स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्तार अब्बास नकवी के केन्द्रीय मंत्री बनने और उत्तर प्रदेश में उनके आगमन के बाद यहां अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है। सरकार के नौ महीने के कार्यकाल में ही 100 से अधिक कार्ययोजनाओं की शुरुआत अल्पसंख्यकों के लिए की गई है।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं में सुधार के लिए सुझाव भी मांगे जाएंगे। बैठक में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के साथ ही नौ राज्यों के मंत्री मौजूद थे।
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