सुप्रीम कोर्ट में दिख सकता है ममता का नया तेवर, SIR पर Supreme court में गरम हो सकता है पारा, क्या वकील बनेंगी बंगाल CM

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CM Mamata VS ECI Over SIR : आज सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पेश होने जा रही हैं। खास ये नहीं हैं कि कोई सीएम पेश होगा। दिलचस्प यह है कि ममता बनर्जी बतौर मुख्यमंत्री नहीं बल्कि वकील के तौर पर पेश हो सकती हैं। बाकायदा इसकी चर्चा टीएमसी के पोस्टर से शुरू हो गई। पोस्टर में ममता बनर्जी को वकील दिखाया गया है। बिहार विधानसभा चुनाव से शुरू हुए स्पैशल इंटेसिव रिवीजन यानी (SIR) पर विवाद थम नहीं रहा है। बिहार में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल ने इस पर…

CM Mamata VS ECI Over SIR : आज सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पेश होने जा रही हैं। खास ये नहीं हैं कि कोई सीएम पेश होगा। दिलचस्प यह है कि ममता बनर्जी बतौर मुख्यमंत्री नहीं बल्कि वकील के तौर पर पेश हो सकती हैं। बाकायदा इसकी चर्चा टीएमसी के पोस्टर से शुरू हो गई। पोस्टर में ममता बनर्जी को वकील दिखाया गया है।

बिहार विधानसभा चुनाव से शुरू हुए स्पैशल इंटेसिव रिवीजन यानी (SIR) पर विवाद थम नहीं रहा है। बिहार में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल ने इस पर सड़कों पर विरोध किया था, जिस में चुनाव आयोग को यह कहते निशाने में लिया गया था कि वह NDA खेमे के लिए पक्षपात कर रहे हैं। अब यह विरोध बंगाल में देखने को मिल रहा है।

CM Mamata VS ECI Over SIR : क्या है ममता की चिंता

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CM Mamata VS ECI Over SIR (source : social media)

बिहार के बाद, यूपी और फिर अब बारी पश्चिम बंगाल की है। हालांकि पश्चिम बंगाल में एसआईआर की राह आसान नहीं दिख रही है। पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर ममता सरकार का मत है कि एसआईआर में तार्किक विसंगतियां होने के कारण 1.25 करोड़ वोटरों से उनका मताधिकार छिन सकता है।

एसआईआर पर ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) का आरोप है कि चुनाव आयोग की तार्किक विसंगती सूची के कारण पश्चिम बंगाल के करीब 1.25 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने का खतरा है। सीएम ममता बनर्जी ने इसे अलोकतांत्रिक और दोषपूर्ण बताते हुए दावा किया है कि कि इस प्रक्रिया से बड़े पैमाने पर लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे।

Mamata Banerjee in Supreme Court : शीर्ष अदालत का निर्देश

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CM Mamata VS ECI Over SIR (source : social media)

मामले में गत 19 जनवरी को शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। ऐसा बिहार में हुए SIR के मौके पर भी देखने को मिला था। अदालत ने कहा था कि आम जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने विसंगतियों वाली सूची को ग्राम पंचायत और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित करने का आदेश दिया था।

हालांकि टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग औपचारिक लिखित निर्देशों के बजाय इंटरनेट प्लेटफॉर्म संदेशों जैसे अनौपचारिक माध्यमों से जमीनी अधिकारियों को आदेश दे रहा है।

SIR Hearing Today : वकील के रूप में ममता?

आपको बताया दें, ममता बनर्जी कोर्ट में वकील के रूप में अपनी उपस्थिति दे सकती हैं क्योंकि उन के पास कानून की डिग्री (LLB) है। ममता चौधरी ने जोगेश चंद्र चौधरी ला कालेज से अपनी कानून की डिग्री हासिल की है। इसको आधार बनाकर सीएम ममता बनर्जी अदालत की कार्यवाही में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर अपनी बात रख सकती हैं। जानकारों की मानें तो यह सुनवाई बंगाल की भावी राजनीति और आगामी चुनावों की निष्पक्षता के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Mamata Banerjee in Supreme Court : क्या है टीएमसी के ट्वीट में

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CM Mamata VS ECI Over SIR (source : social media)

कल 3 फरवरी को शाम 10 .28 मिनट पर टीएमसी ने एक पोस्टर एक्स पर पोस्ट किया है। पोस्टर के कैप्शन में लिखा है ‘People’s Advocate Vs Devil’s Advocate’। इसमें सीएम ममता बनर्जी फाइलों के साथ सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियों पर चढ़ती दिख रही हैं। ममता की यह फोटो बेहतरीन ढंग से एडिट की गई है जिसमें उनका काला कोट हवा में लहराता भी दिखा रहा है। पोस्टर में बड़े अक्षरों में ऐतिहासिक लिखा है।

बता दें कि ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 28 जनवरी को याचिका दायर की थी। 4 फरवरी को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।