देश के लगभग सभी बड़ी बैंकों की दो दिन की हड़ताल का मंगलवार को दूसरा दिन है, निजीकरण के खिलाफ इन दो दिनों की हड़ताल से सारा कामकाज ठप हो गया है। कांग्रेस ने मंगलवार को इस मुद्दे को लोकसभा में उठाते हुए देश की वित्त मंत्री से सदन में इस संबंध में बयान देने की मांग की।
बजट सत्र के दूसरे चरण के लिए सदन में कांग्रेस के नेता बनाये गये रवनीत सिंह बिट्टू ने इस विषय को उठाते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की नौ बैंकों के लाखों कर्मचारी हड़ताल पर हैं और वे बैंकों के निजीकरण को लेकर आशंकित हैं। बिट्टू ने कहा कि बैंकों के निजीकरण से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों की नौकरियों पर सबसे ज्यादा खतरा है।
उन्होंने कहा कि इन राष्ट्रीयकृत बैंकों ने ही दुनिया में आर्थिक मंदी के समय देश को संकट से बचाया था। बिट्टू ने कहा कि यदि इन बैंकों के निजीकरण के लिए इन्हें हो रहे नुकसान का हवाला दिया जा रहा है तो इन्हें नुकसान में ही चलने दिया जाए लेकिन इनसे गरीबों का तो भला होगा क्योंकि निजी बैंक कभी गरीबों का ध्यान नहीं रखेंगे। कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस विषय पर वित्त मंत्री (निर्मला सीतारमण) सदन में बयान दें।


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