कृषि कानून के खिलाफ देशभर में आंदोलन जारी है। किसान और विपक्षी पार्टियां मिलकर कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार कि तरफ से लोगों को जागरुक करने की कोशिश भी जारी है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे इस कानून से किसानों को खत्म कर देंगे।
राहुल के इसी आरोप पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि किसान को बिचौलियों से आजाद होता देख कांग्रेस का नेतृत्व तिलमिला उठा क्योंकि वर्षों से किसान को बिचौलियों के सम्मुख बांधकर कांग्रेस की राजनीति चलती रही। कानून के अनुसार किसान को फसल की राशि का भुगतान तुरंत मिलेगा ज्यादा से ज्यादा तीन दिन के भीतर।
गौरतलब है कि संसद ने हाल में तीन विधेयकों- ‘कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक-2020, ‘किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन’ अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक 2020 और ‘आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक-2020’ को पारित किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी के बाद तीनों कानून 27 सितंबर से प्रभावी हो गए।


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