Cough Syrup Case: ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप में मिला जानलेवा केमिकल, अब तक 14 बच्चों की मौत, सरकार ने लिया बड़ा एक्शन

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Cough Syrup Case: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में संदिग्ध किडनी संक्रमण से 14 बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार ने शनिवार को खांसी की दवा ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप की बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया। अधिकारियों ने बताया कि जांच में इस सिरप के नमूनों में 48.6% ‘डाईथिलीन ग्लाइकॉल’ पाया गया — यह एक अत्यधिक विषैला रसायन है जो किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। चेन्नई लैब में हुई जांच, गुणवत्ता मानक पर फेल पाया सिरप तमिलनाडु के औषधि नियंत्रण निदेशालय के अनुसार, चेन्नई स्थित सरकारी औषधि परीक्षण प्रयोगशाला ने ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप…

Cough Syrup Case: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में संदिग्ध किडनी संक्रमण से 14 बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार ने शनिवार को खांसी की दवा ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप की बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया।

अधिकारियों ने बताया कि जांच में इस सिरप के नमूनों में 48.6% ‘डाईथिलीन ग्लाइकॉल’ पाया गया — यह एक अत्यधिक विषैला रसायन है जो किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

चेन्नई लैब में हुई जांच, गुणवत्ता मानक पर फेल पाया सिरप

तमिलनाडु के औषधि नियंत्रण निदेशालय के अनुसार, चेन्नई स्थित सरकारी औषधि परीक्षण प्रयोगशाला ने ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप के नमूनों को “गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं” पाया।
श्रीसन फार्मास्युटिकल्स, कांचीपुरम द्वारा निर्मित इस सिरप (बैच संख्या SR-13; निर्माण: मई 2025; समाप्ति: अप्रैल 2027) को मिलावटी घोषित किया गया।

परासिया में सबसे अधिक मौतें, कई बच्चे अब भी अस्पताल में भर्ती

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, 14 में से 10 मौतें परासिया अनुमंडल में सात सितंबर से अब तक हुई हैं।
उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) सौरभ कुमार यादव ने बताया कि परासिया निवासी दो वर्षीय योगिता की शनिवार को नागपुर के अस्पताल में मौत हो गई।
छह बच्चे वर्तमान में उपचाराधीन हैं—पांच नागपुर और एक छिंदवाड़ा में, जिनमें तीन की हालत गंभीर है।

Cough Syrup Case में मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख की सहायता

प्रशासन ने मृत बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। मृतकों में 11 परासिया, दो छिंदवाड़ा शहर और एक चौरई तहसील के बच्चे शामिल हैं।
परासिया में जिन नौ बच्चों की मौत हुई, उनकी पहचान शिवम (9), विधि (6), अदनान (6), उसैद (9), ऋषिका (10), हेतांश (11), विकास (9), चंचलेश (8) और संध्या भोसोम (7) के रूप में हुई है।

पहले से प्रतिबंधित थी एक अन्य खांसी की दवा ‘नेक्सट्रो-डीएस’

एसडीएम यादव ने बताया कि एहतियातन ‘कोल्ड्रिफ’ और ‘नेक्सट्रो-डीएस’ की बिक्री पहले ही रोकी गई थी। ‘कोल्ड्रिफ’ की रिपोर्ट शनिवार को मिली, जबकि ‘नेक्सट्रो-डीएस’ की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।

राज्यभर में जब्ती और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

जांच रिपोर्ट आने के बाद, मध्यप्रदेश के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने ‘कोल्ड्रिफ’ की बिक्री और वितरण पर पूर्ण रोक लगा दी है।  राज्यभर में इस सिरप के भंडार को जब्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
साथ ही, श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के अन्य उत्पादों की बिक्री भी जांच पूरी होने तक बंद कर दी गई है।

Cough Syrup मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान: “दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी”

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इन मौतों को “बेहद दुखद” बताया और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने लिखा, “इस सिरप की बिक्री पूरे मध्यप्रदेश में प्रतिबंधित कर दी गई है। कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी रोक लगाई जा रही है।”

अन्य राज्यों में भी अलर्ट, तमिलनाडु ने लगाया बैन

मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान में भी तीन ऐसी मौतों की सूचना मिली है।  इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने भी ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।
प्रभावित बच्चों के नमूने पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) भेजे गए हैं, जबकि सिरप में मिलावट की जांच जारी है।

Cough Syrup Case में केंद्रीय टीम जांच में जुटी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सीडीएससीओ ने छह राज्यों में खांसी की दवाएं और एंटीबायोटिक्स बनाने वाली 19 निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण शुरू किया है।
वहीं, आईसीएमआर, एनआईवी, राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान, सीडीएससीओ और एम्स नागपुर के विशेषज्ञों की एक संयुक्त टीम छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में हुई मौतों की वजहों की जांच कर रही है।

Shera Rajput