धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं, छात्रों के हित को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

Summary :

नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने इसे नैतिक जिम्मेदारी और छात्रों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है। विभिन्न राज्यों से आए नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सरकार की छात्र केंद्रित नीतियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। पटना में भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा, “जब उन्हें नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जानकारी मिली, तब उन्होंने पूरी…

नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने इसे नैतिक जिम्मेदारी और छात्रों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है। विभिन्न राज्यों से आए नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सरकार की छात्र केंद्रित नीतियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है।

पटना में भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा, “जब उन्हें नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जानकारी मिली, तब उन्होंने पूरी परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया। एक महीने के भीतर परीक्षा दोबारा कराई गई और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया। यह दर्शाता है कि सरकार छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं करती और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के लिए प्रतिबद्ध है।”

दिल्ली में भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। प्रधानमंत्री द्वारा छात्रों के हित में लिए गए प्रत्येक निर्णय का सम्मान देश के युवा करते हैं। मोदी सरकार के फैसलों के कारण प्रधानमंत्री छात्रों के दिलों में हमेशा विशेष स्थान बनाए रखेंगे और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार लगातार गंभीर रही है।”

भुवनेश्वर में भाजपा सांसद रवींद्र बेहरा ने पेपर लीक मामले के संदर्भ में कहा, “मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है। प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय में रहते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य किए और नई पीढ़ी को उनके योगदान को समझना चाहिए। भाजपा हमेशा देशहित में काम करती है और उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के बजाय राष्ट्र की सेवा करना है।”

लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा युवाओं के साथ खड़े रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से देश के युवाओं से लगातार संवाद किया है, जिसके कारण आज बड़ी संख्या में युवा उन्हें अपना अभिभावक मानते हैं। सरकार की प्राथमिकता युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना है।”

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सराहनीय कदम बताते हुए कहा, “यदि उन्होंने नैतिक आधार पर ऐसा निर्णय लिया है तो यह प्रशंसनीय है। भाजपा सरकार और उसके सभी नेता युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं और छात्रों के भविष्य से जुड़े हर मुद्दे पर संवेदनशील हैं।”

कैबिनेट मंत्री ओ.पी. राजभर ने भी कहा, “यह छात्रों की प्रमुख मांग थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे पूरा किया। सरकार जनता की भावनाओं का सम्मान करती है और समय-समय पर आवश्यक निर्णय लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करती है।”

पटना में मंत्री श्वेता गुप्ता ने कहा, “पिछले कुछ दिनों से छात्रों का आंदोलन और भूख हड़ताल चल रही थी, लेकिन विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण रही। उनकी दृष्टि में छात्र इस हिंसा के लिए जिम्मेदार नहीं थे, बल्कि कुछ असामाजिक तत्वों ने आंदोलन में घुसकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। छात्रों के मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।”

भाजपा विधायक तारकिशोर प्रसाद ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपकर नैतिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है। कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण किया और सरकार को बदनाम करने की कोशिश की। पूर्व में भी कई बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन उस समय किसी शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। भाजपा ने नैतिकता का एक नया मानदंड स्थापित किया है और यह संदेश दिया है कि सत्ता केवल शासन करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता और छात्रों की सेवा का दायित्व है।”

भाजपा नेताओं के इन बयानों से स्पष्ट है कि पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को नैतिक जवाबदेही, पारदर्शिता और छात्रों के हित में उठाया गया कदम बता रही है। साथ ही नेताओं ने दोहराया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और युवाओं के भविष्य से जुड़े हर मुद्दे पर आवश्यक निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगी।

–आईएएनएस

एससीएच/वीसी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.