E20 पेट्रोल के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे टैक्सी ड्राइवर, 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान

Summary :

दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब दो महीने तक चला नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन अब खत्म हो चुका है। हालांकि, आप सोच रहे होंगे कि आम जनता शांत हो गए हैं अब फिलहाल कोई प्रोटेस्ट नहीं होने जा रहा है लेकिन ये बात सिर्फ और सिर्फ आप सोच रहे होंगे। इसी बीच बता दें कि अब राजधानी में एक नया विरोध-प्रदर्शन होने जा रहा है। इस बार मुद्दा कोई शिक्षा से जुड़ा नहीं है बल्कि यह मुद्दा E20 पेट्रोल से है। E20 पेट्रोल को लागू करने के विरोध में…

दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब दो महीने तक चला नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन अब खत्म हो चुका है। हालांकि, आप सोच रहे होंगे कि आम जनता शांत हो गए हैं अब फिलहाल कोई प्रोटेस्ट नहीं होने जा रहा है लेकिन ये बात सिर्फ और सिर्फ आप सोच रहे होंगे। इसी बीच बता दें कि अब राजधानी में एक नया विरोध-प्रदर्शन होने जा रहा है। इस बार मुद्दा कोई शिक्षा से जुड़ा नहीं है बल्कि यह मुद्दा E20 पेट्रोल से है।

E20 पेट्रोल को लागू करने के विरोध में दिल्ली के टैक्सी ड्राइवर और टूर ऑपरेटरों ने 4 अगस्त को संसद तक मार्च करने की घोषणा की है। इस प्रोटेस्ट में उम्मीद है कि बड़ी संख्या में ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट से जुड़े हुए लोग शामिल हो सकते हैं। अब देखना ये होगा कि क्या इस प्रोटेस्ट से सरकार कुछ निर्णय लेंगी या नहीं।

E20 पेट्रोल विवाद के बीच क्या है टैक्सी ड्राइवरों की मांग?

बता दें कि टैक्सी और टूर ऑपरेटर यूनियनों का कहना है कि E20 पेट्रोल का कमर्शियल गाड़ियों पर क्या असर पड़ने वाला है? इसको लेकर अभी पूरी तरहकोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उन्होंने आगे कहा है कि सरकार इस नीति को लागू करने से पहले इसका रिसर्च करें। इतना ही नहीं, यूनियन की मांग है कि गाड़ी मालिकों को अपनी जरूरत के हिसाब से ईंधन चुनने का ऑप्शन दिया जाए। साथ ही कमर्शियल वाहनों से जुड़े नियमों की दोबारा सोचे समझे और विचार करें ताकि किसी को नुकसान न हो।

4 अगस्त को संसद मार्च करेंगे यूनियन

बता दें कि यूनियनों ने बताया है कि अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे 4 अगस्त को संसद मार्च करेंगे। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए वे सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना चाहते हैं। इस बीच, इथेनॉल-मिश्रित ईंधन खासकर E20 पेट्रोल को लेकर देश भर में पहले से ही विवाद शुरू है। ऐसे में, दिल्ली में हो रहा यह विरोध प्रदर्शन खास हो सकता है। सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि यूनियनों की मांगों पर सरकार क्या फैसला लेती है और विरोध प्रदर्शन से कुछ होगा या नहीं?

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।