ED Raid in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना घोटाले के तहत नौ स्थानों पर छापेमारी और जब्ती अभियान चलाया। बता दें कि यह अभियान भूमि मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं की चल रही जांच के तहत चलाया गया। छत्तीसगढ़ के रायपुर और महासमुंद क्षेत्रों में राज्य पुलिस बल के साथ सुबह से ही छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि ये तलाशी अभियान भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा चलाया गया था।
ED Raid in Chhattisgarh

यह जांच भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान भूस्वामियों को मुआवजे में संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं और कथित हेरफेर से संबंधित है। तलाशी अभियान में हरमीत सिंह खानुजा, उनके सहयोगियों, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल कुछ सरकारी अधिकारियों और इस मामले में जांच के दायरे में आए कई भूस्वामियों से जुड़े परिसरों को शामिल किया गया। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि क्या मुआवजे की राशि को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया था, उसका दुरुपयोग किया गया था या अवैध तरीकों से उसका दुरुपयोग किया गया था।
#WATCH | ED’s Raipur zonal office is conducting search and seizure action at nine premises in Raipur and Mahasamund in Chhattisgarh in connection with an investigation into alleged irregularities in the payment of compensation for the acquisition of land for the… pic.twitter.com/PbRyHDPTJb
— ANI (@ANI) December 29, 2025
Chattisgarh ED Raid
अधिकारियों ने बताया कि सूचना और साक्ष्यों के आधार पर, जिसमें मुआवजे की प्रक्रिया में अपराध की आय उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है, ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामले की जांच कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य कथित अनियमितताओं में मध्यस्थों, लोक सेवकों और लाभार्थियों की भूमिका की पहचान करना है। ईडी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या अधिकारियों ने चुनिंदा व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए अपने पदों का दुरुपयोग किया।
ED Raid in Raipur

भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी राजमार्ग विकास परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य सड़क संपर्क को बेहतर बनाना, रसद लागत को कम करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इस तरह की बड़े पैमाने की अवसंरचना परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में काफी सार्वजनिक धन खर्च होता है, इसलिए पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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