केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बृहस्पतिवार को कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार नेपाल में ऊंचा बांध बनाने का प्रयास कर रही है और अंतरराष्ट्रीय मामला होने के बावजूद इसमें सफलता मिलने की उम्मीद है।
लोकसभा में शून्यकाल के दौरान बिहार और असम के कई सदस्यों द्वारा बाढ़ का मुद्दा उठाए जाने पर हस्तक्षेप करते हुए राय ने कहा कि बाढ़ राहत और बचाव कार्यों के मकसद से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 19 टीमें बिहार और 18 टीमें असम में काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि देश के कई इलाकों में बाढ़ की आशंका के बारे में पता चलने के साथ ही गत 12 जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बैठक हुई और मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे राज्यों के साथ संपर्क में रहें और जरूरी मदद मुहैया कराएं।
मंत्री ने कहा कि बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में बिहार और असम की सरकारों ने अच्छा काम किया है और केंद्र की तरफ से भी मदद दी गई है।
उल्लेखनीय है कि बिहार अभी बाढ़ की गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है जिसमें काफी लोगों की मौत हो गई, फसले बर्बाद हो गई हैं और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थान पर आश्रय लेना पड़ रहा है ।
जदयू नेता राजीव रंजन सिंह और पार्टी के कई अन्य सदस्यों द्वारा नेपाल में ऊंचा बांध बनाने की मांग के संदर्भ में राय ने कहा कि नेपाल में ऊंचा बांध बनाने का प्रयास जारी है। अगर बांध बन जाता है तो उससे सिंचाई, पनबिजली और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय विषय है, लेकिन केंद्र मोदी सरकार है, ऐसे में इसमें सफलता मिलने की उम्मीद है।
गृह राज्य मंत्री ने कहा कि पहले बाढ़ में जानमाल का बहुत नुकसान होता था, लेकिन इस बार बहुत कम नुकसान हुआ है हालांकि यह नुकसान भी नहीं होना चाहिए।
शून्यकाल के दौरान बाढ़ का मुद्दा उठाते हुए राजीव रंजन सिंह ने कहा कि उत्तर बिहार में भयावह बाढ़ है और राज्य सरकार अपनी तरफ से पूरा कोशिश कर रही है। लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान करना होगा। नेपाल में ऊंचा बांध बनाने से इस समस्या का समाधान हो सकता है।
जदयू के सुनील कुमार पिंटू और आलोक कुमार सुमन, भाजपा के संजय जायसवाल, क्वीन ओझा और राजदीप राय ने बिहार एवं असम में बाढ़ का मुद्दा उठाया।


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