देश के नागरिक विमानन नियामक ने जेट एयरवेज से एक ‘ठोस और विश्वसनीय पुनरुद्धार योजना’ प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि कर्ज से लदी एयरलाइन द्वारा स्थगित परिचालन को बहाल किया जा सके। नियामक ने गुरुवार को एक बयान में कहा, ‘डीजीसीए (नागरिक विमानन निदेशालय) तय नियामकीय कार्ययोजना के अंतर्गत कंपनी को पुनर्जीवित करने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगा।’ इससे एक दिन पहले जेट एयरवेज ने बुधवार रात से सभी उड़ानों को अस्थाई रूप से बंद करने की घोषणा की थी, क्योंकि वह न्यूनतम परिचालन के लिए कर्जदाताओं से अंतरिम निधि जुटाने में असफल रही।
नागरिक विमानन मंत्रालय ने बुधवार देर शाम ट्वीट किया, ‘डीजीसीए और अन्य नियामक सावधानीपूर्वक स्थिति पर नजर रख रहे हैं, ताकि रिफंड, रद्द करने और वैकल्पिक बुकिंग के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सके।’ डीजीसीए ने एक और ट्वीट में कहा, ‘हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किराए प्रतिस्पर्धी और स्थिर बने रहे।’ वहीं, जेट ने नियामकीय फाइलिंग में बुधवार को कहा, ‘भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने भारतीय कर्जदाताओं के संघ की तरफ से सूचित किया कि वे महत्वपूर्ण अंतरिम निधि की मांग पर विचार करने में असमर्थ हैं। इसलिए हमें वित्त की कमी के कारण परिचालन बंद करना पड़ रहा है।’


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