प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन पर राजनीति कर रहे विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने किसानों और सरकार के बीच जारी गतिरोध के लिए इसकी आड़ में राजनीतिक हित साधने वाले लोगों को दोषी ठहराया। प्रधानमंत्री के हमले पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि केंद्र सरकार अन्नदाताओं को ‘थका दो, भगा दो’ की नीति पर काम कर रही है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि ‘‘बहाने और ‘इवेंटबाजी बंद’’ करके मोदी सरकार को किसानों से माफी मांगनी चाहिए और तीनों ‘काले कानून’ वापस लेने चाहिए।
उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर चिंताओं की जगह हिंसा के आरोपियों की रिहाई और राजमार्गों को टोल मुक्त बनाने जैसे असंबंद्ध मुद्दे इसमें हावी होने लगे हैं। तीन कृषि कानूनों को पुरजोर तरीके से बचाव करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार उन लोगों के साथ भी बातचीत करने को तैयार है जो अलग विचारधारा के चलते सरकार के खिलाफ हैं लेकिन यह बातचीत ‘‘तर्कसंगत, तथ्यों और मुद्दों’’ पर आधारित होनी चाहिए।
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कांग्रेस महासचिव सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री के हमले पर पलटवार करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘31 दिन से हाड़ कंपाती सर्दी में देश का अन्नदाता किसान ‘दिल्ली के दरवाजे’ पर न्याय की गुहार लगा रहा है। अब तक 44 किसानों की शहादत हो चुकी। मगर पूंजीपतियों की पिछलग्गू मोदी सरकार का दिल नहीं पसीजा।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सरकार किसानों को ‘थका दो और भगा दो’ की नीति पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री टीवी पर सफाई और उनके मंत्री चिट्ठियों की दुहाई तो देते हैं, मगर मुट्ठीभर पूंजीपतियों की ‘सेवक’ मोदी सरकार ‘किसान दुश्मन’ बन बैठी है। कड़वा सत्य यह है कि मोदी सरकार राजनीतिक बेईमानी, धूर्तता व प्रपंच का सहारा लेकर समस्या का समाधान करना ही नहीं चाहती।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘किसानों के रास्ते में सड़कें खुदवाने वाले, किसानों पर सर्दी में वॉटर कैनन चलवाने वाले और लाठियां बरसाने वाले प्रधानमंत्री मोदी आज फिर सम्मान निधि का स्वांग रच रहे हैं।’’ सुरजेवाला ने कहा, ‘‘भारत में कृषि जनगणना 2015-16 के अनुसार कुल 14.64 करोड़ किसान हैं, जो 15.78 करोड हेक्टेयर जमीन पर खेती करते हैं। किसान सम्मान निधि योजना में साल 2018-19 में किसानों के खाते में 88,000 करोड़ रुपये की बजाय मात्र 6,005 करोड़ रुपये डाले गए। इसी तरह चुनावी साल 2019-20 में 49,196 करोड़ रुपये और 2020-21 में अब तक 38,872 करोड़ रुपये डाले गए हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज बीजेपी किसान भाइयों को आतंकी, कुकुरमुत्ता, टुकड़े टुकड़े गैंग, गुमराह गैंग, खालिस्तानी बता रहे हैं और आप उनको बरगला रहे हैं। शर्मनाक है कि कृषि मंत्री ने तो अपने पत्र में किसानों को राजनैतिक कठपुतली तक कह दिया।’’ कांग्रेस नेता यह भी कहा, ‘‘बहाने बनाने, ईवेंटबाजी बंद कर छोड़ मोदी सरकार को किसानों से माफी मांगनी चाहिए और तीनों काले कानून वापस लेने चाहिए।’’


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