मुंबई, 19 अगस्त (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने दावा किया कि हमारी पार्टी और उसके चुनाव चिन्ह को सुनियोजित तरीके से बेचा गया। उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग के बीच बहुत बड़ी डील हो गई है।
उन्होंने कहा कि इसी डील के तहत हमारी पार्टी और उसके चुनाव चिन्ह को एकनाथ शिंदे को बेचा गया। यह डील हजारों करोड़ों रुपये में हुई है और राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित होकर की गई है।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने दावा किया कि उस वक्त लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की डील हुई थी। यह संविधान के साथ खिलवाड़ है। यह देश की जनता के साथ एक तरह का मजाक है। जिसे देश की जनता भलीभांति देख रही है। इन लोगों ने कानून और नियमों को तोड़ने का दुस्साहस किया है। इन लोगों ने पूरी व्यवस्था का मजाक बनाकर रख दिया।
इससे पहले मंगलवार को संजय राउत ने भाजपा के संगठनात्मक पदों में फेरबदल को लेकर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, “कौन वापसी कर रहा है और किसे हटाया जा रहा है, यह पार्टी का आंतरिक संगठनात्मक मामला है। दूसरी पार्टी के लोगों के लिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। कुछ पुराने नेताओं की वापसी हुई है, जिनमें स्मृति ईरानी और राम माधव शामिल हैं जबकि विनोद तावड़े संगठन के सबसे अनुभवी लोगों में से एक हैं। अब देखेंगे कि संगठन आगे कैसे काम करता है।”
बता दें कि शिवसेना के पार्टी चिह्न को लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ सिंदे गुट में विवाद जारी है। शिवसेना के पार्टी चिह्न और नाम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। शिवसेना (यूबीटी) का कहना है कि दलबदल कानून एकनाथ शिंदे गुट पर भी लागू होता है और उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।
–आईएएनएस
एसएचके/एएस
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