गुजरात में इस साल पीआईटी एनडीपीएस के तहत 21 गिरफ्तार, कार्रवाई तेज

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गांधीनगर, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस ने मादक पदार्थों के मामलों में बार-बार अपराध करने वालों के खिलाफ निवारक हिरासत का इस्तेमाल तेज कर दिया है। शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988 (पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम) के तहत पांच और व्यक्तियों को गिरफ्तार कर राज्य भर की जेलों में भेज दिया गया है। इस नवीनतम कार्रवाई के साथ, 2026 के पहले चार महीनों में पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 21 हो गई है। 2025 में, इसी कानून के तहत कुल 86 आरोपियों को गिरफ्तार कर विभिन्न जेलों…

गांधीनगर, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस ने मादक पदार्थों के मामलों में बार-बार अपराध करने वालों के खिलाफ निवारक हिरासत का इस्तेमाल तेज कर दिया है। शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988 (पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम) के तहत पांच और व्यक्तियों को गिरफ्तार कर राज्य भर की जेलों में भेज दिया गया है।

इस नवीनतम कार्रवाई के साथ, 2026 के पहले चार महीनों में पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 21 हो गई है।

2025 में, इसी कानून के तहत कुल 86 आरोपियों को गिरफ्तार कर विभिन्न जेलों में रखा गया था, जो मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों के खिलाफ निवारक उपायों पर बढ़ती निर्भरता को दर्शाता है।

पुलिस महानिदेशक (सीआईडी ​​क्राइम), डॉ. के.एल.एन. राव द्वारा गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और सीआईडी ​​क्राइम की टीमों द्वारा इन्हें क्रियान्वित किया गया।

यह अभियान राजकोट शहर के साथ-साथ अरावली, बनासकांठा, नवसारी और जूनागढ़ जिलों में चलाया गया।

गिरफ्तार किए गए पांच व्यक्तियों की पहचान भीलोडा तालुका के वंका टिंबा गांव के निवासीबाबू निनामा (49); बनासकांठा के पालनपुर के निवासी ईश्वर उर्फ ​​हेंडल सलात (28)हैं; नवसारी के वंसदा के निवासी मनोजगिरी गोस्वामी (45); जूनागढ़ के निवासी वहीद पंजा (50), और राजकोट के निवासी इमरान बेलिम ​​(32) के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि इन सभी को पहले भी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत अधिकारियों को ऐसे व्यक्तियों को निवारक हिरासत में रखने का अधिकार है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे मादक पदार्थों की बिक्री, खरीद, परिवहन या भंडारण जैसी गतिविधियों में दोबारा शामिल न हों।

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई उन मामलों में की जाती है जहां आरोपियों के जेल से रिहा होने के बाद मादक पदार्थों के व्यापार में दोबारा शामिल होने की संभावना होती है।

–आईएएनएस

एमएस/

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