अंबुमणि ने खेती के लिए बिजली कनेक्शन में देरी की आलोचना की, कहा-‘60,000 किसानों को इंतजार’

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चेन्नई, 9 अगस्त (आईएएनएस)। पीएमके अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने रविवार को तमिलनाडु सरकार से खेती के लिए बिजली कनेक्शन के हजारों लंबित आवेदनों को तुरंत मंजूरी देने की अपील की। ​​उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से हो रही देरी के कारण ‘तत्काल योजना’ के तहत भारी-भरकम जमा राशि भरने वाले किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई के लिए बिजली मिलना बहुत जरूरी हो गया है, खासकर उन इलाकों में जो भूजल पर निर्भर हैं। उनके अनुसार, तमिलनाडु में लगभग 45 प्रतिशत कृषि भूमि भूजल पर निर्भर है जबकि बाकी 55 प्रतिशत…

चेन्नई, 9 अगस्त (आईएएनएस)। पीएमके अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने रविवार को तमिलनाडु सरकार से खेती के लिए बिजली कनेक्शन के हजारों लंबित आवेदनों को तुरंत मंजूरी देने की अपील की। ​​उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से हो रही देरी के कारण ‘तत्काल योजना’ के तहत भारी-भरकम जमा राशि भरने वाले किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई के लिए बिजली मिलना बहुत जरूरी हो गया है, खासकर उन इलाकों में जो भूजल पर निर्भर हैं।

उनके अनुसार, तमिलनाडु में लगभग 45 प्रतिशत कृषि भूमि भूजल पर निर्भर है जबकि बाकी 55 प्रतिशत नदियों और नहरों पर निर्भर है जिनकी उपलब्धता अक्सर पड़ोसी राज्यों से छोड़े जाने वाले पानी पर निर्भर करती है। इस स्थिति को देखते हुए, अंबुमणि ने कहा कि खेती जारी रखने के लिए कृषि पंप सेटों को बिना रुकावट बिजली मिलना जरूरी है।

उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु में चार लाख से ज्यादा किसान अभी मुफ्त कृषि बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं। पीएमके नेता ने आरोप लगाया कि सबसे जरूरी मामला उन 60,120 किसानों का है जिन्होंने ‘तत्काल कृषि बिजली कनेक्शन योजना’ के तहत पैसे जमा कर दिए थे, लेकिन उन्हें अभी तक कनेक्शन नहीं मिला है।

उन्होंने सरकार और तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीएनपीडीसीएल) पर सेवा देने के लिए तय समय-सीमा का पालन न करने का आरोप लगाया।

अंबुमणि के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में घोषित तत्काल योजना के तहत 47,554 किसानों ने आवेदन किया था और अपने कृषि पंप सेटों की हॉर्सपावर के आधार पर 2.50 लाख रुपए से 4 लाख रुपए तक का डिपॉजिट जमा किया था। उन्होंने कहा कि इन आवेदकों से जमा की गई राशि 1,250 करोड़ रुपए से ज्यादा थी।

उन्होंने दावा किया कि 2023 में योजना के तहत आवेदन करने वाले 12,566 अन्य किसानों ने भी 250 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा किए थे और वे भी बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे थे, जिससे दोनों समूहों से जमा की गई कुल राशि लगभग 1,500 करोड़ रुपए हो गई।

अंबुमणि ने कहा कि टीएनपीडीएसएल के नियमों के अनुसार, योजना के तहत आवेदन जमा होने के 15 से 90 दिनों के भीतर कृषि बिजली कनेक्शन दिए जाने चाहिए।

हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दौर के किसी भी आवेदक को भुगतान करने के आठ महीने बाद भी कनेक्शन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कई किसानों ने डिपॉजिट के लिए ज्यादा ब्याज दरों पर पैसे उधार लिए थे, यह सोचकर कि उन्हें तय समय के भीतर बिजली कनेक्शन मिल जाएगा।

अंबुमणि ने आरोप लगाया कि इस देरी के कारण कई किसान ‘कुरुवई’ सीजन के दौरान ठीक से खेती नहीं कर पाए, जिससे उन पर बढ़ते ब्याज और कर्ज का बोझ पड़ गया। इस स्थिति को किसान समुदाय के साथ गंभीर अन्याय बताते हुए, पीएमके प्रमुख ने मांग की कि राज्य सरकार तुरंत दखल दे और टीएनपीडीसीएल को निर्देश दे कि वह सभी 60,120 लंबित आवेदकों के लिए मुफ्त कृषि बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया में तेजी लाए।

–आईएएनएस

एससीएच/पीएम

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