नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। हैदराबाद में एस्टन मार्टिन कार के एक्सीडेंट के बाद आंध्र प्रदेश के राज्यसभा सांसद लिंगमनेनी रमेश के 21 साल के बेटे लिंगमनेनी संजुश का अल्कोहल और ड्रग्स का शुरुआती टेस्ट नेगेटिव आया है।
यह हादसा 16 अगस्त को इनऑर्बिट मॉल के पास हुआ, जब संजुश कथित तौर पर लग्जरी कार चला रहा था। गाड़ी ने 26 साल की सेल्स एग्जीक्यूटिव भारती मुखी को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें इलाज के लिए अपोलो अस्पताल ले जाया गया। लेकिन, अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
जांच करने वालों का कहना है कि टक्कर के समय संजुश कथित तौर पर तेज रफ्तार से लापरवाही और बेपरवाही से गाड़ी चला रहा था। एस्टन मार्टिन कार को जब्त कर लिया गया है और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) ने इसकी जांच की है। अधिकारी अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि शराब और नशीले पदार्थों की शुरुआती जांच में कोई गड़बड़ी न मिलने के बावजूद विस्तृत जांच के लिए संजुश के ब्लड सैंपल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजे गए हैं। फोरेंसिक जांच के अंतिम नतीजे एमवीआई इंस्पेक्शन रिपोर्ट और पीड़ित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ मिलकर चल रही जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।
लापरवाही या जल्दबाजी में किए गए काम से मौत होने के मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) के तहत केस दर्ज किया गया है। इस प्रावधान के तहत अधिकतम पांच साल की जेल की सजा हो सकती है।
पुलिस ने बताया कि संजुश को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया, क्योंकि उस समय मौजूद सबूत हिरासत में लेने की कार्रवाई को सही नहीं ठहराते थे। इसके बजाय, उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35 के तहत नोटिस जारी किया गया और जांचकर्ताओं का सहयोग करने का निर्देश दिया गया।
पुलिस उपायुक्त ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि राजनीतिक संपर्कों या बाहरी दबाव के कारण संजूश को विशेष व्यवहार मिला। अधिकारी ने कहा कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई कानूनी प्रावधानों और गिरफ्तारी से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुरूप थी।
पुलिस ने कहा कि अगर और सबूत मिलते हैं या जांच के नतीजों से ऐसा करना जरूरी लगता है, तो संजुश को बाद में गिरफ़्तार किया जा सकता है। जांच करने वाले अधिकारी दुर्घटना से जुड़ी सही परिस्थितियों का पता लगाने के लिए फ़ोरेंसिक, तकनीकी और अन्य सबूत इकट्ठा कर रहे हैं।
खबरों के मुताबिक, हादसे में शामिल एस्टन मार्टिन कार संजुश के नाम पर रजिस्टर्ड नहीं थी। वहीं, संजुश का कहना है कि टक्कर के बाद वह घटनास्थल से भागा नहीं था। उसने दावा किया कि उसने भारती को अस्पताल पहुंचाने में मदद की और बाद में पुलिस की जांच में सहयोग भी किया।
पोस्टमॉर्टम के बाद भारती का शव उनके भाई को सौंप दिया गया और बाद में उसे ओडिशा ले जाया गया। उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है।
खबरों के मुताबिक, भारती अपने परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य थीं। उनकी मौत के बाद उनके परिवार के लिए आर्थिक मदद की मांग की जा रही है, जबकि इस जानलेवा हादसे की जांच जारी है।
–आईएएनएस
एसएचके/एएस
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