बेंगलुरु, 6 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर दान प्रकरण के बाद कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। खड़गे ने दावा किया कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने सोमवार को अपने बयान में भाजपा और आरएसएस पर राजनीतिक सत्ता और आर्थिक लाभ के लिए भगवान राम के नाम का ‘इस्तेमाल’ करने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा, “भाजपा और प्रधानमंत्री ने अपनी पूरी राजनीतिक पहचान राम मंदिर के इर्द-गिर्द बनाई है, जबकि आरएसएस ने भी 1990 के दशक से राम जन्मभूमि आंदोलन से अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता हासिल की है।”
मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर खड़गे ने दावा किया कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संयम बरतने की आरएसएस की अपील असल में लोगों को इस घटना पर सवाल उठाने से रोकने की कोशिश थी और इससे संगठन का असली चेहरा सामने आ गया है।
मंत्री ने आगे कहा कि आरएसएस अपनी मौजूदा राजनीतिक ताकत के कारण जनता की नजर से दूर रहना चाहती है। चोरी में कथित तौर पर शामिल लोगों का बचाव करना न सिर्फ राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है, बल्कि लाखों भक्तों की आस्था का अपमान भी है।
खड़गे ने कहा, “पिछले तीन दशकों से लोगों को जो शक था, वह अब साफ हो गया है। भाजपा और आरएसएस के लिए राम मंदिर कभी भी आस्था या भक्ति का विषय नहीं था। यह केवल सत्ता और धन हासिल करने का एक जरिया था।”
इससे पहले, आरएसएस ने कथित चोरी और मंदिर में प्रशासनिक व सुरक्षा खामियों पर चिंता जताते हुए लोगों से संयम बनाए रखने का आग्रह किया।
बता दें कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए चढ़ावे में कथित तौर पर गबन का आरोप है। एसआईटी मामले की जांच कर रही है और राम मंदिर के ट्रस्ट से जुड़े कुल 8 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया गया है। आरोपों के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।
–आईएएनएस
डीसीएच/
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