कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में झारग्राम सीट से चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, पहले एक घंटे की गिनती में भारतीय जनता पार्टी यहां बढ़त बनाए हुए है।
सुबह 9:30 बजे तक के रुझानों में भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मीकांत साव को 900 से ज्यादा वोट मिल चुके थे, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार मंगल सारेन पीछे चल रहे थे।
राज्य में दो चरणों में हुए विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की गई, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोटों की गिनती शुरू हुई।
इस बार एक खास स्थिति यह है कि राज्य की 294 में से 293 सीटों पर ही फिलहाल मतगणना हो रही है। दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनाव आयोग ने 21 मई को दोबारा मतदान (री-पोल) कराने का फैसला किया है। इस सीट के नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
इस चुनाव में चुनाव आयोग ने मतगणना की प्रक्रिया में कुछ बदलाव भी किए हैं। पहले के चुनावों में पोस्टल बैलेट की पूरी गिनती खत्म होने के बाद ही ईवीएम वोटों की गिनती शुरू होती थी। लेकिन इस बार सुबह 8 बजे से 8:30 बजे तक सिर्फ पोस्टल बैलेट गिने गए, और 8:30 बजे के बाद से पोस्टल बैलेट और ईवीएम के वोटों की गिनती एक साथ शुरू कर दी गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पोस्टल बैलेट की गिनती समय पर पूरी हो सके। अगर किसी काउंटिंग रूम में पोस्टल बैलेट की गिनती अंतिम दो राउंड से पहले पूरी नहीं होती है, तो कुछ समय के लिए ईवीएम वोटों की गिनती रोक दी जाएगी और पहले पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी की जाएगी। इसके बाद ही ईवीएम वोटों की गिनती फिर से शुरू होगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस नई प्रक्रिया से दोपहर तक नतीजों का स्पष्ट रुझान सामने आ जाएगा।
पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा के बीच माना जा रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 216 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा को 77 सीटें मिली थीं और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) को 1 सीट मिली थी।
वहीं, कांग्रेस और वाम मोर्चा, दोनों ही पार्टियां पिछली बार एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही थीं। इस बार दोनों का मुख्य लक्ष्य विधानसभा में फिर से अपनी मौजूदगी दर्ज कराना है। हालांकि इस बार कांग्रेस और वाम मोर्चा अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरे हैं, जबकि वाम मोर्चा ने एआईएसएफ के साथ सीट शेयरिंग की है।
राज्य में इस बार 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ, जिसमें करीब 93 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने इस बार 15 साल से सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस सरकार के अंत और भाजपा के सत्ता में आने की संभावना जताई है, हालांकि अंतिम तस्वीर नतीजों के साथ ही साफ होगी।
–आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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