नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन की सराहना की, जिसके तहत देश में एक मजबूत और आत्मनिर्भर अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र (स्पेस इकोसिस्टम) का निर्माण किया जा रहा है।
नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के युवाओं और स्टार्टअप्स को जोखिम लेने, नवाचार करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए सशक्त बनाया जा रहा है। उन्हें एक स्थिर और दूरदर्शी नीतिगत माहौल का समर्थन मिल रहा है।”
उन्होंने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “हम एक जीवंत और आत्मनिर्भर अंतरिक्ष इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं, जहां हमारे युवाओं की आकांक्षाएं भारत को दुनिया की अग्रणी अंतरिक्ष शक्तियों में स्थान दिलाने और आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करने में योगदान दे सकती हैं।”
नितिन नवीन ने कहा, “राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर अंतरिक्ष की नई सीमाओं तक पहुंचने की भारत की यात्रा दूरदृष्टि और साहसिक नीतियों की ताकत को दर्शाती है।”
भाजपा अध्यक्ष ने ‘एक्स’ पर आगे लिखा, “राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की सभी देशवासियों को शुभकामनाएं। आज हम पृथ्वी से चंद्रमा और उससे आगे तक भारत की प्रेरणादायक यात्रा का उत्सव मना रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “इसी दिन चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास सफल सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रचा था। भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश बना। ‘शिव शक्ति प्वाइंट’ नाम से जाना जाने वाला यह ऐतिहासिक लैंडिंग स्थल भारत की वैज्ञानिक क्षमता और हमारे वैज्ञानिकों की दूरदृष्टि, समर्पण तथा नवाचार की भावना का प्रतीक है।”
नितिन नवीन ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। यह विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने के साथ-साथ भारत को दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष शक्तियों में मजबूत स्थान दिला रहा है।”
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 का आयोजन ‘विकसित भारत की ओर: नवाचार, सहयोग और वैश्विक अंतरिक्ष नेतृत्व की आकांक्षा’ विषय के साथ किया जा रहा है।
यह विषय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को और मजबूत करने के साथ-साथ नवाचार, साझेदारी और वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में अधिक भागीदारी को बढ़ावा देने की देश की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
–आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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