भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को भारतीय टीम के घरेलू मुकाबलों के लिए नया टाइटल स्पॉन्सर तलाशने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 13 अगस्त की तय समय सीमा तक बोर्ड को कोई बड़ी बोली नहीं मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जो भी प्रोपोजल या जो ऑफर मिले, वे बीसीसीआई की उम्मीदों के मुताबिक नहीं थे। अब बोर्ड पॉसिबली कॉरपोरेट कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि भारत के घरेलू सीजन की शुरुआत से पहले नए टाइटल स्पॉन्सर का फैसला किया जा सके।
BCCI Faces Hurdles in Finding a Title Sponsor for Team India: ज्यादा बेस प्राइस बनी सबसे बड़ी अड़चन?
नए स्पॉन्सर की तलाश में सबसे बड़ी परेशानी बीसीसीआई की ओर से तय की गई कीमत को माना जा रहा है। बोर्ड ने टाइटल राइट्स के लिए प्रति मैच 4.85 करोड़ रुपये का बेस प्राइस रखा है। यह रकम पिछले टाइटल स्पॉन्सर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के प्रति मैच करीब 4.2 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 15.5 प्रतिशत ज्यादा है। ऐसे में कंपनियां इस कीमत पर बोली लगाने को लेकर थोड़ा झिझकती नजर आ रही हैं। वहीं नया टाइटल स्पॉन्सरशिप पैकेज दो साल के लिए होगा और इसकी लिमिट 31 मार्च 2028 तक रहने की उम्मीद है।
करीब 35 घरेलू इंटरनेशनल मैच पैकेज में शामिल

बीसीसीआई के अनुमान के मुताबिक, नए अधिकार पैकेज के दौरान भारत में करीब 35 घरेलू इंटरनेशनल मैच खेले जा सकते हैं। इनमें 10 टेस्ट, 12 वनडे और 13 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले शामिल होने की पॉसीबिलिटी है। हालांकि, टेंडर दस्तावेज में साफ किया गया है कि 35 मैचों का आंकड़ा अनुमानित है और असल मैचों की संख्या बीसीसीआई के आखरी कार्यक्रम पर डिपेंड करेगी। अगर सभी 35 मैच खेले जाते हैं और कोई कंपनी बेस प्राइस पर राइट्स हासिल करती है, तो बोर्ड के पास करीब 169.75 करोड़ रुपये, यानी लगभग 170 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है।
Google Gemini समेत कई कंपनियां बातचीत में

बड़ी बोली नहीं मिलने के बावजूद बीसीसीआई पॉसीबल खरीदारों के कॉन्टेक्ट में है। रिपोर्ट्स के अनुसार Google Gemini, Spinny और SBI Life जैसी कंपनियां बोर्ड के साथ बातचीत कर रही हैं। टाइटल स्पॉन्सरशिप टेंडर ने कई एजेंसियों और कंपनियों का ध्यान भी आकर्षित किया था। GroupM, ITW और Sporty Solutions जैसी कंपनियों ने टेंडर डॉक्यूमेंट खरीदा था। इसे 1 लाख रुपये की कीमत पर एवेलेबल कराया गया था और इसे खरीदने की आखरी तारीख 5 अगस्त थी।
पिछला सौदा था 231 करोड़ रुपये का

बीसीसीआई के पिछले टाइटल स्पॉन्सरशिप सौदे में IDFC First Bank शामिल था। उस पैकेज में करीब 55 इंटरनेशनल मैच थे और बैंक ने इसके लिए लगभग 231 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इस बार मैचों की अनुमानित संख्या घटकर करीब 35 रह गई है। अगर कोई स्पॉन्सर बीसीसीआई के मौजूदा बेस प्राइस पर सभी अनुमानित मैचों के राइट्स खरीदता है, तो बोर्ड को दो साल में लगभग 170 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है। वहीं बेस प्राइस से ज्यादा बोली मिलने पर यह रकम और बढ़ सकती है।
घरेलू सीजन शुरू होने से पहले फैसला संभव

बीसीसीआई के पास नए टाइटल स्पॉन्सर को आखरी रूप देने के लिए अभी कुछ समय मौजूद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत का घरेलू इंटरनेशनल सीजन 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाला है। इसके अलावा सितंबर में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज भी निर्धारित है, हालांकि इन मुकाबलों को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के घरेलू मैच माना जाएगा। बीसीसीआई ने एसोसिएट पार्टनर राइट्स के लिए भी अलग टेंडर प्रोसेस शुरू किया है। इन अधिकारों का बेस प्राइस 95 लाख रुपये प्रति मैच रखा गया है, जबकि कोल्ड बेवरेज ब्रांड्स के लिए रिजर्व प्राइस 1.15 करोड़ रुपये प्रति मैच है।
फिलहाल बीसीसीआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऐसी कंपनी तलाशना है, जो बोर्ड की तय कीमत पर भारतीय क्रिकेट के घरेलू टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स हासिल करने के लिए तैयार हो। ऐसे में आने वाले दिनों में बोर्ड और कंपनियों के बीच होने वाली बातचीत से तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
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